Jyoti CNC Automation IPO: एयरोस्पेस, डिफेंस और मेडिकल इत्यादि इंडस्ट्रीज को मेटल कटिंग कंप्यूटर न्यूमेरिकल कंट्रोल (CNC) मशीन बनाने वाली ज्योति सीएनसी ऑटोमेशन का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए कल 9 जनवरी को खुलेगा। यह इस साल मेनबोर्ड पर लिस्ट होने वाला पहला शेयर होगा। 2013 के बाद एक बार फिर यह आईपीओ के लिए ट्राई कर रही है। इस बार 1000 करोड़ रुपये के आईपीओ के तहत यह सिर्फ नए शेयर जारी करेगी। अब ग्रे मार्केट में बात करें तो आईपीओ के अपर प्राइस बैंड से इसके शेयर 89 रुपये यानी 26.89 फीसदी की GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल्स के आधार पर ही निवेश से जुड़ा फैसला लेना चाहिए।
Jyoti CNC Automation IPO की डिटेल्स
ज्योति सीएनसी ऑटोमेशन का 1000 करोड़ रुपये का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 9-11 जनवरी के बीच खुला रहेगा। इस इश्यू में 315-331 रुपये के प्राइस बैंड और 45 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकेंगे। एंप्लॉयीज को हर शेयर पर 15 रुपये का डिस्काउंट मिलेगा। आईपीओ का 75 फीसदी हिस्सा क्वालिफाईड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB), 15 फीसदी नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) और 10 फीसदी खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित है।
आईपीओ की सफलता के बाद शेयरों का अलॉटमेंट 12 जनवरी को फाइनल होगा। इसके बाद शेयरों की बीएसई और एनएसई पर एंट्री के लिए 16 जनवरी का दिन फिक्स किया गया है। इश्यू का रजिस्ट्रार लिंक इनटाइम इंडिया है। आईपीओ के तहत 2 रुपये की फेस वैल्यू वाले 3,02,11,480 शेयर जारी होंगे। इसके जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी कर्ज चुकाने, लॉन्ग टर्म वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
Jyoti CNC Automation के बारे में
ज्योति सीएनसी ऑटोमेशन सीएनसी मशीन बनाती है। इसकी दो मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी हैं- एक गुजरात में और दूसरी फ्रांस में। इसके भारत के अलावा विदेश में भी क्लाइंट हैं। इसके ग्राहकों की बात करें तो यह इसरो, ब्रह्मोस एयरोस्पेस तिरुवनंतपुरम, टर्किश एयरोस्पेस, टाटा एडवांसेज सिस्टम रोलेक्स किंग्स और नेशनल फिटिंग्स इत्यादि को प्रोडक्ट्स सप्लाई करती है।
कंपनी के वित्तीय स्थिति की बात करें तो वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 15.06 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था जबकि वित्त वर्ष 2022 में इसे 48.30 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था। वहीं ऑपरेशनल रेवेन्यू सालाना आधार पर 24.4 फीसदी बढ़कर 929.3 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA सालाना आधार पर 34 फीसदी बढ़कर 97.4 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।