Mamaearth IPO की वैल्यूएशन क्यों बढ़ा रही है चिंता? ये 5 रिस्क फैक्टर्स साफ कर देंगे तस्वीर

Mamaearth IPO : वित्त वर्ष 22 में प्रॉफिट 14.4 करोड़ रुपये रहा था। कंपनी के डीआरएचपी (DRHP) के मुताबिक, इसकी तुलना में मामाअर्थ को वित्त वर्ष 21 में 1,332 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 20 में 428 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। वहीं, कंपनी का अपना प्रोडक्शन नहीं है। यह सभी प्रोडक्ट्स के लिए थर्ड-पार्टी मैन्यूफैक्चरर्स पर निर्भर करती है, जो एक बड़ा रिस्क है

अपडेटेड Jan 04, 2023 पर 9:46 AM
Mamaearth की आईपीओ के तहत 400 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी करने की योजना है। वहीं, शेयरहोल्डर्स 4,68,19,635 इक्विटी शेयर बेचे जाएंगे

Mamaearth IPO : लोकप्रिय ब्रांड मामाअर्थ की ओनर होनासा कंज्यूमर (Honasa Consumer) ने 2,900 करोड़ रुपये जुटाने के लिए सेबी (SEBI) के पास 29 दिसंबर 2022 को ड्राफ्ट पेपर जमा किए थे। तब से लगातार IPO की वैल्यूएशन पर सवाल उठ रहे हैं।  दरअसल मार्च, 2022 में समाप्त वित्त वर्ष के दौरान कंपनी का रेवेन्यू लगभग दोगुना होकर 943 करोड़ रुपये हो गया था, जबकि इससे पिछले वित्त वर्ष में रेवेन्यू 459 करोड़ रुपये रहा था और वित्त वर्ष 2020 में यह 109 करोड़ रुपये रहा था। वहीं, 30 सितंबर 2022 को समाप्त छमाही के दौरान रेवेन्यू 722 करोड़ रुपये रहा।

वित्त वर्ष 22 में हुआ कितना प्रॉफिट

वहीं, वित्त वर्ष 22 में प्रॉफिट 14.4 करोड़ रुपये रहा था। कंपनी के डीआरएचपी (DRHP) के मुताबिक, इसकी तुलना में मामाअर्थ को वित्त वर्ष 21 में 1,332 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 20 में 428 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।


Honasa Consumer IPO: Mamaearth की पैरेंट कंपनी ने आईपीओ के लिए जमा किए पेपर्स, शिल्पा शेट्टी बेचेंगी अपनी हिस्सेदारी

कंपनी की आईपीओ के तहत 400 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी करने की योजना है। वहीं, शेयरहोल्डर्स 4,68,19,635 इक्विटी शेयर बेचे जाएंगे। हाल में लॉन्च हुए Paytm, Nykaa, Zomato जैसी न्यू एज टेक कंपनियों के शेयरों ने इनवेस्टर्स को खासा नुकसान पहुंचाया है। हम यहां मामाअर्थ के आईपीओ से जुड़े रिस्क फैक्टर्स के बारे में बता रहे हैं...

ये हैं 5 रिस्क फैक्टर्स

-यदि कंपनी समयबद्ध तरीके से कंज्यूमर की बदलती प्राथमिकताओं और खर्च के पैटर्न या बदलते ब्यूटी और पर्सनल केयर ट्रेंड को पहचानने या उसके हिसाब से कदम उठाने में नाकाम रही तो उसके प्रोडक्ट्स की मांग घट सकती है।

-उसे अपने कुछ सीमित प्रोडक्ट्स से ज्यादातर रेवेन्यू आता है। प्रमुख उत्पादों की बिक्री घटने पर उसके बिजनेस, कैश फ्लो, वित्तीय स्थिति को झटका लगेगा।

-कंपनी का अपना प्रोडक्शन नहीं है। यह सभी प्रोडक्ट्स के लिए थर्ड-पार्टी मैन्यूफैक्चरर्स पर निर्भर करती है, जो एक बड़ा रिस्क है।

-ब्रांड को उसकी ब्रांड एम्बेस्डर शिल्पा शेट्टी के नाम पर जाना जाता है, जो पब्लिक इश्यू में अपनी हिस्सेदारी बेच देंगी। मार्केटिंग के लिए सेलिब्रिटी और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स पर निर्भरता से बिजनेस और सर्विसेज के लिए डिमांड प्रभावित हो सकती है।

-कंपनी ऑनलाइन चैनल के जरिये बिक्री के लिए कुछ मार्केटप्लेस के साथ संबंधों और वेब ट्रैफिक पर निर्भर करती है। अगर कंपनी अपने ऑफलाइन सेल्स नेटवर्क को बढ़ाने में नाकाम रही तो उसके रेवेन्यू को झटका लग सकता है।

डिस्क्लेमरः यहां दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह निवेश विशेषज्ञों के अपने निजी विचार और राय होते हैं। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें। 

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