Manba Finance IPO: कैसा है मनबा फाइनेंस का आईपीओ, क्या आपको इनवेस्ट करना चाहिए?

मनबा फाइनेंशियल (MFL) का आईपीओ निवेश के लिए खुल गया है। इसमें 25 सितंबर तक निवेश किया जा सकता है। एमएफएल एक एनबीएफसी है। यह पिछले तीन दशकों से फाइनेंशियर सर्विसेज दे रही है। यह खासकर नौकरी करने वाले और सेल्फ-एंप्लॉयड लोगों को मोटरसाइकिल-स्कूटर खरीदने के लिए लोन देती है

अपडेटेड Sep 23, 2024 पर 1:15 PM
MFL की लोन बुक बीते चार सालों में करीब दोगुनी हो गई है। इस दौरान इसकी ग्रोथ 17 फीसदी (CAGR) रही है। कंपनी ने इस दौरान नई ब्रांच भी खोली है।

मनबा फाइनेंस (एमएफएल) का आईपीओ निवेश के लिए खुल गया है। इस इश्यू में 25 सितंबर तक निवेश किया जा सकता है। यह इश्यू 151 करोड़ रुपये का है। कंपनी ने प्राइस बैंड प्रति शेयर 114-120 रुपये रखा है। कंपनी इस इश्यू में नए शेयर जारी करेगी। इश्यू से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी पूंजी की अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए करेगी। एमएफएल एक एनबीएफसी है। यह पिछले तीन दशकों से फाइनेंशियर सर्विसेज दे रही है। यह खासकर नौकरी करने वाले और सेल्फ-एंप्लॉयड लोगों को मोटरसाइकिल-स्कूटर खरीदने के लिए लोन देती है। इसके लोन का औसत साइज 80,000 रुपये है।

बिजनेस की ग्रोथ की कितनी संभावना?

Manba Finance Limited (MFL) ने अपने प्रोडक्ट्स को डायवर्सिफायड किया है। यह यूज्ड कार लोन, इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स लोन, स्मॉल बिजनेस लोन और पर्सनल लोन भी दे रही है। कंपनी ने लोनबुक बढ़ाने के लिए नए मार्केट्स में उतरने का प्लान बनाया है। कंपनी का लोन बुक बीते चार सालों में करीब दोगुना हो गया है। इस दौरान इसकी ग्रोथ 17 फीसदी (CAGR) रही है। कंपनी ने इस दौरान नई ब्रांच भी खोले हैं। एमएफएल के बिजनेस में अच्छी ग्रोथ की संभावना दिख रही है। इसकी कई वजहे हैं। इनफ्लेशन घटने से इंटरेस्ट रेट में कमी आने की उम्मीद है। लोन लेने में लोगों की दिलचस्पी बढ़ रही है। ग्रामीण इलाकों में डिमांड में रिकवरी है। त्योहारों के सीजन में ग्राहक स्कूटर-मोटरसाइकिल खरीदने के लिए लोन लेते हैं।


प्रतिद्वंद्वी कंपनियों से कितनी प्रतिस्पर्धा?

एमएफएल के लिए कुछ चुनौतियां हैं। कंपनी का फोकस अभी कुछ खास इलाकों पर है। इससे ऑपरेशन का दायरा सीमित है। इसका प्रोडक्ट पोर्टफोलियो डायवर्सिफायड नहीं है, क्योंकि कुल लोन बुक में नए व्हीकल लोन की हिस्सेदारी 98 फीसदी है। इसने कम इनकम वाले लोगों को ज्यादा लोन दिए हैं। इस कंपनी में बड़े निवेशकों ने निवेश नहीं किया है। एमएफएल जैसी छोटी कंपनियों के लिए मार्केट में प्रतियोगिता बढ़ रही है। Cholamandalam Investment, Mahindra Finance और Shriram Finance जैसी कंपनियां पहले से मार्केट में हैं।

वैल्यूएशन के मामले में कैसा है इश्यू?

एमएफएल का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) इस साल मार्च के अंत में 937 करोड़ रुपये था। कंपनी का ज्यादातर कारोबार देश के पश्चिमी हिस्से में है। 120 रुपये के अपर प्राइस बैंड पर एमएफएल की वैल्यूएशन 603 करोड़ रुपये आती है। FY26 की अनुमानित अर्निंग्स के आधार पर शेयर की कीमत इसकी बुक वैल्यू की दोगुना है। इस तरह यह शेयर कई प्रतिद्वंद्वी एनबीएफसी के शेयरों के मुकाबले महंगा लगता है।

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क्या आपको निवेश करना चाहिए?

एमएफएल की वैल्यूएशन को देखी जाए तो ऐसी कई मिडसाइज और लार्जसाइज एनबीएफसी मार्केट में मौजूद हैं, जिनका प्रोडक्ट पोर्टफोलियो काफी डायवर्सिफायड है। इनके शेयरों की वैल्यूएशन भी कम है। इसलिए वैल्यूएशन के लिहाज से एमएफएल का इश्यू अट्रैक्टिव नहीं लगता है।

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