Medi Assist Healthcare IPO : बेंगलुरु स्थित हेल्थ बेनिफिट एडमिनिस्ट्रेटर मेडी असिस्ट हेल्थकेयर सर्विसेज (Medi Assist Healthcare Services) अपना आईपीओ लाने जा रही है। कंपनी ने इसके लिए मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) के पास एक बार फिर ड्राफ्ट पेपर दाखिल किया है। यह आईपीओ पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) पर बेस्ड है। इश्यू के तहत प्रमोटरों और निवेशकों द्वारा 2.8 करोड़ शेयरों की बिक्री की जाएगी। कंपनी को ऑफर से कोई पैसा नहीं मिलेगा।
डॉ. विक्रम जीत सिंह छतवाल, मेडिमैटर हेल्थ मैनेजमेंट और बेसेमर हेल्थ कैपिटल एलएलसी मेडी असिस्ट के प्रमोटर हैं, जो अपने शेयर बेचेंगे। छतवाल OFS के माध्यम से कंपनी में अपनी 25.39 लाख शेयरों की पूरी पर्सनल शेयरहोल्डिंग (3.61 प्रतिशत) बेचेंगे। इसके साथ ही मेडिमैटर हेल्थ मैनेजमेंट के साथ संयुक्त रूप से 5.37 लाख शेयरों को बेचेंगे।
मेडिमैटर हेल्थ मैनेजमेंट (छतवाल के शेयरों सहित) 1.24 करोड़ शेयर और बेसेमर हेल्थ कैपिटल एलएलसी 66.06 लाख से अधिक शेयर ओएफएस के जरिए बेचेंगे। BICH-II (बेसेमर इंडिया कैपिटल होल्डिंग्स II) और बेसेमर हेल्थ के पास सामूहिक रूप से कंपनी में 44.51 फीसदी शेयर हैं।
इन्वेस्टकॉर्प इंडिया एसेट मैनेजर्स द्वारा प्रबंधित इन्वेस्टकॉर्प इंफ्रास्ट्रक्चर फंड 1 की एक यूनिट स्कीम इन्वेस्टर इन्वेस्टकॉर्प प्राइवेट इक्विटी फंड I, 1.49 करोड़ शेयरों या 21.18 फीसदी की अपनी मौजूदा शेयरधारिता के मुकाबले ओएफएस के माध्यम से 62.75 लाख शेयर बेचने जा रही है। विवेक पंडित, राहुल एम खन्ना, शंकर राव पालेपु, प्रमोद मनोहर आहूजा, केशव सांघी, और अमितकुमार गजेंद्रकुमार पाटनी ओएफएस में अन्य बिक्री शेयरधारक हैं। अगर कंपनी की लिस्टिंग हो जाती है, तो यह इंश्योरेंस टीपीए (थर्ड-पार्टी एडमिनिस्ट्रेटर) द्वारा देश का पहला आईपीओ होगा।
TPA एक ऑर्गेनाइजेशन है जो बीमा कंपनियों की ओर से इंश्योरेंस क्लेम्स को प्रोसेस करता है। भारत में टीपीए की मुख्य भूमिका बीमा कंपनियों और बीमाधारकों (पॉलिसीधारकों और कर्मचारियों) के बीच मध्यस्थ के रूप में कार्य करना है। मार्च 2023 तक भारत में 17 टीपीए कार्यरत हैं। एक्सिस कैपिटल, आईआईएफएल सिक्योरिटीज, नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट और एसबीआई कैपिटल मार्केट्स इस इश्यू के मर्चेंट बैंकर हैं।
पहले भी आईपीओ के लिए आवेदन कर चुकी है कंपनी
इससे पहले मेडी असिस्ट ने IPO के माध्यम से 840 करोड़ रुपये का फंड जुटाने के लिए मई 2021 में ड्राफ्ट पेपर दाखिल किया था। मनीकंट्रोल ने सबसे पहले कंपनी द्वारा रेगुलेटर के पास डीआरएचपी दाखिल करने की रिपोर्ट दी थी। पिछले तीन वित्तीय वर्षों (FY21-FY23) में राजस्व के मामले में यह कंपनी भारत के सबसे बड़े हेल्थ बेनिफिट एडमिनिस्ट्रेटर के रूप में उभरी है।
यह रिटेल और ग्रुप पॉलिसियों के लिए मैनेजमेंट के तहत प्रीमियम के मामले में भारत में सबसे बड़ा हेल्थ बेनिफिट एडमिनिस्ट्रेटर है। इसकी रिटेल हेल्थ इंश्योरेंस मार्केट में 14.83 फीसदी और ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस मार्केट FY22 में 41.71 फीसदी की बाजार हिस्सेदारी है। कंपनी भारत और वैश्विक स्तर पर 36 बीमा कंपनियों के साथ काम करती है। इसने वित्त वर्ष 2023 के अंत में 14,574.65 करोड़ रुपये के हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम (ग्रुप और रिटेल) को मैनेज किया है, जो वित्त वर्ष 2021 से 35.67 फीसदी की सीएजीआर से बढ़ रहा है।
कोविड-19 महामारी के बाद लोगों के व्यवहार में बदलाव ने पिछले तीन वित्तीय वर्षों में कई TPA के लिए ग्रोथ में अहम भूमिका निभाई है। FY22 की तुलना में FY23 में इसका रिटेल और ग्रुप प्रीमियम 26.77 फीसदी बढ़ गया। मेडी असिस्ट ने प्रॉस्पेक्टस में उपलब्ध पिछले वर्षों में स्वस्थ वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। FY23 में लाभ 18.7 फीसदी बढ़कर 75.3 करोड़ रुपये हो गया है और राजस्व पिछले वर्ष की तुलना में 28.2 फीसदी बढ़कर 504.9 करोड़ रुपये हो गया है।