Medi Assist Healthcare Services IPO: मेडी असिस्ट हेल्थकेयर सर्विसेज ने अपने 1171.58 करोड़ रुपये के IPO के लिए प्राइस बैंड 397-418 रुपये प्रति शेयर तय किया है। 15 जनवरी को खुलने वाले इस IPO में 2.8 करोड़ शेयर ऑफर किए जाएंगे। एंकर निवेशक 12 जनवरी को बोली लगा सकेंगे और इश्यू 17 जनवरी को क्लोज होगा। मेडी असिस्ट इंश्योरेंस कंपनियों को थर्ड पार्टी एडमिनिस्ट्रेशन सर्विसेज उपलब्ध कराती है। मेडी असिस्ट हेल्थकेयर सर्विसेज IPO में प्रमोटर्स और निवेशकों सहित कई मौजूदा शेयरधारकों की ओर से केवल ऑफर-फॉर-सेल (OFS) रहेगा। इसलिए IPO खर्चों को छोड़कर, इश्यू से हुई पूरी आय शेयर बिक्री करने वाले शेयरधारकों के पास जाएगी।
प्रमोटर डॉ. विक्रम जीत सिंह छतवाल, मेडिमैटर हेल्थ मैनेजमेंट, और बेसेमर हेल्थ कैपिटल एलएलसी, निवेशक इनवेस्टकॉर्प प्राइवेट इक्विटी फंड I, IPO में शेयर बिक्री के लिए रखने वाले प्रमुख शेयरधारक हैं। इसके अलावा 9 और शेयरधारक IPO में 1.38 लाख शेयर बेचेंगे।
कंपनी ने IPO का 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स/हाई नेटवर्थ इंडीविजुलअल्स के लिए के लिए और 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व रखा है। इश्यू में बोली लगाने के लिए लॉट साइज 35 शेयरों का है। कंपनी अपनी 3 पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनियों, मेडी असिस्ट टीपीए, मेडवांटेज टीपीए और रक्षा टीपीए के माध्यम से बीमा कंपनियों को थर्ड पार्टी एडमिनिस्ट्रेशन सर्विसेज प्रदान करती है। टीपीए एक संगठन है, जो बीमा कंपनियों की ओर से बीमा दावों को प्रोसेस करता है। भारत में टीपीए की मुख्य भूमिका बीमा कंपनियों और बीमाधारकों (पॉलिसीधारकों और कर्मचारियों) के बीच मध्यस्थ के रूप में कार्य करना और कैशलेस व रिइंबर्समेंट क्लेम्स के एडमिनिस्ट्रेशन की सुविधा प्रदान करना है।
रेड-हेरिंग प्रॉस्पेक्टस के अनुसार, वर्तमान में प्रमोटरों के पास मेडी असिस्ट में 77.14 प्रतिशत हिस्सेदारी है। बेसेमर इंडिया कैपिटल होल्डिंग्स II, 35.13 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ प्रमुख शेयरधारक है और मेडिमैटर हेल्थ 27.33 प्रतिशत के साथ दूसरी सबसे बड़ी शेयरधारक है। बाकी 22.86 प्रतिशत शेयर पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास हैं, जिनमें 21.18 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ इनवेस्टकॉर्प प्राइवेट इक्विटी फंड I शामिल है। डॉ. विक्रम जीत सिंह छतवाल और बेसेमर हेल्थ कैपिटल एलएलसी OFS के माध्यम से अपनी पूरी व्यक्तिगत शेयरहोल्डिंग बेचकर कंपनी से बाहर निकलेंगे। कंपनी की शेयर बाजार में लिस्टिंग 22 जनवरी को हो सकती है।