Mono Pharmacare IPO : मोनो फार्माकेयर के आईपीओ को निवेशकों की अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। यह इश्यू सब्सक्रिप्शन के दूसरे दिन तक 4.08 गुना सब्सक्राइब हो गया है। निवेशकों के पास इसमें 30 अगस्त तक निवेश का मौका है। इस आईपीओ के लिए कंपनी ने 26-28 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। आईपीओ के जरिए कंपनी 14.84 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। इश्यू के तहत 53 लाख फ्रेश इक्विटी शेयर जारी किए गए हैं। वहीं, इसमें ऑफर फॉर सेल (OFS) नहीं है।
अलग-अलग कैटेगरी में कितना मिला सब्सक्रिप्शन
इस आईपीओ में रिटेल निवेशकों ने जमकर दांव लगाया है। उनके लिए रिजर्व हिस्सा 8.29 गुना सब्सक्राइब हो गया है। रिटेल निवेशकों के दम पर ही आईपीओ 4.06 गुना सब्सक्राइब हो सका है। NII के लिए रिजर्व हिस्सा अब तक पूरी तरह नहीं भर पाया है और यह 75 फीसदी सब्सक्राइब हुआ है। QIB के हिस्से को 4 फीसदी सब्सक्रिप्शन मिला है।
कंपनी के प्रमोटर पनिलम लखतारिया और सुपल लखतारिया के पास फार्मा केयर फर्म में 81.03 फीसदी हिस्सेदारी है और शेष पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास है। इश्यू का लगभग 10 फीसदी हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 45 फीसदी नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स के लिए और शेष 45 फीसदी खुदरा निवेशकों के लिए रिजर्व रखा गया है।
इस आईपीओ के लिए 4000 शेयरों का लॉट साइज तय किया गया है। इसका मतलब है कि निवेशकों को कम से कम 112,000 रुपये का निवेश करना होगा। यूनिस्टोन कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड इस इश्यू का एकमात्र बुक-रनिंग लीड मैनेजर है और बिगशेयर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड रजिस्ट्रार है।
आईपीओ के तहत सब्सक्रिप्शन के बाद सफल निवेशकों को शेयरों का अलॉटमेंट 4 सितंबर को होगा। वहीं, असफल निवेशकों के लिए रिफंड की प्रक्रिया 5 सितंबर से शुरू हो जाएगी। सफल निवेशकों के डीमैट अकाउंट में 6 सितंबर को शेयर क्रेडिट कर दिए जाएंगे। इसके बाद स्टॉक मार्केट में शेयरों की लिस्टिंग 7 सितंबर को होगी।
मोनो फार्माकेयर कॉस्मो केयर आइटम, एनाल्जेसिक और ज्वरनाशक दवाएं, खांसी, सर्दी और एलर्जी की दवाएं बेचता है। इसके अलावा, कंपनी एंटिफंगल दवाएं, न्यूट्रास्युटिकल दवाएं, हृदय और मधुमेह की दवाएं और मतली और उल्टी की दवाएं भी बेचती है। 17 अक्टूबर 2022 से मार्च को समाप्त अवधि में मोनो फार्माकेयर ने 33.08 करोड़ रुपये का राजस्व और 94 लाख रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है।