Muthoot Microfin ने IPO के लिए SEBI के पास फिर किया आवेदन, 1350 करोड़ रुपये जुटाने का है इरादा

Muthoot Microfin ने पहले 2018 में ड्राफ्ट पेपर दाखिल किया था। इस आईपीओ के तहत 950 करोड़ रुपये के फ्रेश शेयर जारी किए जाएंगे। इसके अलावा, कंपनी के प्रमोटरों और शेयरधारकों द्वारा 400 करोड़ रुपये के शेयरों की बिक्री ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत की जाएगी

अपडेटेड Jul 01, 2023 पर 2:44 PM
Muthoot Pappachan Group की माइक्रोफाइनेंस इकाई मुथूट माइक्रोफिन (Muthoot Microfin) अपना आईपीओ लाने जा रही है।

Muthoot Pappachan Group की माइक्रोफाइनेंस इकाई मुथूट माइक्रोफिन (Muthoot Microfin) अपना आईपीओ लाने जा रही है। कंपनी ने इसके लिए मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास एक बार फिर ड्राफ्ट पेपर दाखिल किया है। कंपनी का इरादा इश्यू के जरिए 1350 करोड़ रुपये जुटाने का है। फर्म ने पहले 2018 में ड्राफ्ट पेपर दाखिल किए थे। इस आईपीओ के तहत 950 करोड़ रुपये के फ्रेश शेयर जारी किए जाएंगे। इसके अलावा, कंपनी के प्रमोटरों और शेयरधारकों द्वारा 400 करोड़ रुपये के शेयरों की बिक्री ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत की जाएगी।

आईपीओ से जुड़ी डिटेल

OFS के तहत थॉमस जॉन मुथूट, थॉमस मुथूट और थॉमस जॉर्ज मुथूट प्रत्येक द्वारा 70 करोड़ रुपये तक के शेयरों की बिक्री की जाएगी। इसके अलावा, प्रीति जॉन मुथूट और रेमी थॉमस और नीना जॉर्ज में से प्रत्येक 30 करोड़ रुपये तक और ग्रेटर पैसिफिक कैपिटल WIV लिमिटेड 100 करोड़ रुपये तक के शेयर बेचेंगे। मार्च तक मुथूट फिनकॉर्प के पास मुथूट माइक्रोफिन में 72.36 फीसदी हिस्सेदारी है। क्रिएशन इन्वेस्टमेंट्स इंडिया के पास 11.13 फीसदी हिस्सेदारी है जबकि ग्रेटर पैसिफिक कैपिटल WIV लिमिटेड के पास फर्म में 25.15 फीसदी हिस्सेदारी है।


कहां होगा फंड का इस्तेमाल

फ्रेश इश्यू से प्राप्त आय का इस्तेमाल कैपिटल बेस बढ़ाने के लिए किया जाएगा। मार्च 2023 तक लेंडर का CRAR 21.87 फीसदी था, जिसमें से टियर I कैपिटल बेस 21.87 फीसदी था। आरबीआई के गाइडलाइन के अनुसार, उसे टियर I और टियर II कैपिटल को मिलाकर CRAR 15 फीसदी बनाए रखना होगा। ICICI सिक्योरिटीज, एक्सिस कैपिटल, जेएम फाइनेंशियल और एसबीआई कैपिटल मार्केट्स इस इश्यू के बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं।

कंपनी के बारे में

मुथूट माइक्रोफिन, मुथूट फिनकॉर्प द्वारा प्रमोटेड है, जो दिसंबर 2022 तक अपने ग्रॉस लोन पोर्टफोलियो के आधार पर भारत में चौथी सबसे बड़ी नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी-माइक्रोफाइनेंस इंस्टीट्यूशन (NBFC-MFI) है। यह खास तौर पर दक्षिण भारत में NBFC-MFI के बीच तीसरी सबसे बड़ी कंपनी है। यह बाजार हिस्सेदारी के मामले में केरल में सबसे बड़ी MFI होने का दावा करती है। इसके अलावा, मुथूट माइक्रोफिन तमिलनाडु में एक अहम भूमिका निभाती है और कंपनी दिसंबर 2022 तक लगभग 16 फीसदी की बाजार हिस्सेदारी का दावा करती है।

मार्च 2023 तक कंपनी की ग्रॉस लोन पोर्टफोलियो 9,208.30 करोड़ रुपये थी। इसके 27.7 लाख एक्टिव कस्टमर्स हैं, जिन्हें भारत के 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 321 जिलों में 1,172 शाखाओं में 10,227 कर्मचारी सर्विस प्रदान करते हैं। इसने 358 शाखाओं में 358 ई-क्लिनिक स्थापित किए हैं, जो कुल शाखाओं का 30.55 प्रतिशत है। मार्च 2023 तक इसके 41.60 फीसदी ग्राहकों ने ई-क्लिनिक में नामांकन किया है, और इसने 198,826 मेडिकल कंसल्टेशन और 78,801 टेली-कंसल्टेशन की सुविधा प्रदान की है।

कंपनी का फाइनेंशियल

FY23 में कंपनी ने 1428.76 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल किया, जो एक साल पहले के 832.51 करोड़ रुपये से 71.6 फीसदी अधिक है। कंपनी की नेट इनकम पिछले साल के 47.40 करोड़ रुपये से बढ़कर 163.89 करोड़ रुपये हो गई। वित्तीय वर्ष में ओवरऑल एसेट क्वालिटी में सुधार हुआ है। इसका ग्रॉस एनपीए 6.26 प्रतिशत से आधा होकर 2.97 फीसदी हो गया और नेट एनपीए पिछले वर्ष के 1.55 प्रतिशत से गिरकर 0.6 प्रतिशत हो गया है।

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