IKIO Lighting IPO: एलईडी से जुड़ी सर्विसेज मुहैया कराने वाली दिग्गज कंपनी आईकियो लाइटिंग (IKIO Lighting) का आईपीओ अगले महीने 6 जून को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। इस इश्यू के तहत नए शेयर भी जारी होंगे और ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत भी शेयरों की बिक्री होगी। सेबी के पास दाखिल ड्राफ्ट के मुताबिक कंपनी यह आईपीओ कर्ज चुकाने और निवेश के वास्ते पैसे जुटाने के लिए लेकर आई है। इसके अलावा प्रमोटर्स इस इश्यू के जरिए अपनी होल्डिंग भी घटाएंगे। यह इश्यू तीन दिनों तक खुला रहेगा यानी कि इस आईपीओ के लिए 8 जून तक निवेश कर सकते हैं। एंकर निवेशकों के लिए यह इश्यू 5 जून को खुलेगा।
आईकियो का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 6 जून से 8 जून तक खुला रहेगा। इस इश्यू के लिए अभी प्राइस बैंड और लॉट साइज फिक्स नहीं हुआ है। इसके जरिए कंपनी 350 करोड़ रुपये तक के नए इक्विटी शेयर जारी करेगी। वहीं ऑफर फॉर सेल के तहत प्रमोटर्स हरदीप सिंह और सुरमीत कौर 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले 90 लाख शेयरों के बिक्री करेंगे। इसका 50 फीसदी हिस्सा क्वालिफाईड इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (QIB), 15 फीसदी नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) और 35 फीसदी खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित है।
आईपीओ की सफलता के बाद शेयरों की लिस्टिंग शेयरों का अलॉटमेंट 13 जून को फाइनल होगा और एनएसई-बीएसई पर 16 जून को लिस्टिंग होगी। नए शेयरों को जारी कर जुटाए गए पैसों में से 50 करोड़ रुपये से कर्ज चुकाया जाएगा और 212.31 करोड़ रुपये इसके पूर्ण मालिकाना हक वाली आईकियो सॉल्यूशन्स में निवेश किया जाएगा ताकि यह नोएडा में एक नया प्लांट बना सके। वहीं आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में भी इन पैसों का इस्तेमाल होगा। इश्यू के लिए रजिस्ट्रार केफिन टेक है।
IKIO Lighting के बारे में डिटेल्स
आईकियो लाइटिंग लाइट एमिटिंग डायोड (LED) से जुड़ी लाइटिंग सॉल्यूशन्स मुहैया कराती है। यह प्रोडक्ट्स को डिजाइन कर उन्हें तैयार करती है और फिर बेचती है जिसके बाद ग्राहक इसे अपने ब्रांड नाम के तहत आगे बेचते हैं। इसके चार प्लांट हैं जिसमें से एक उत्तराखंड के सिडकुल हरिद्वार औद्योगिक पार्क में और तीन उत्तर प्रदेश के नोएडा में स्थित हैं। अब कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो इसका मुनाफा लगातार बढ़ा है। वित्त वर्ष 2020 में इसे 21.41 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट हासिल हुआ था। अगले वित्त वर्ष 2021 में इसे 28.81 करोड़ रुपये और फिर वित्त वर्ष 2022 में 50.52 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ था।