NSE IPO: एनएसई के आईपीओ का इंतजार खत्म होने जा रहा है। सितंबर के अंतिम दो हफ्तों में यह इश्यू ओपन हो सकता है। सीएनबीसी-टीवी18 ने सूत्रों के हवाले से 19 अगस्त को यह खबर दी है। खबर में बताया गया है कि एनएसई को अगले दो हफ्तों के अंतर आईपीओ को सेबी की मंजूरी मिल जाने की उम्मीद है। एनएसई आईपीओ में शेयर के प्राइस बैंड का ऐलान सितंबर की शुरुआत में कर सकता है।
एनएसई 5.3 लाख करोड़ रुपये की वैल्यूएशन चाहता है
National Stock Exchange (NSE) 5.2 से 5.3 लाख करोड़ रुपये अपनी वैल्यूएशन चाहता है। शेयर का प्राइस बैंड 2,100-2,300 रुपये रह सकता है। एनएसई ने आईपीओ को लेकर ज्यादातर रोड शो पूरे कर लिए हैं। ब्लूमबर्ग ने 18 अगस्त को बताया था कि मिडिलईस्ट में रोडशो अभी बाकी है।
दुनिया के कई बड़े शहरों में एनएसई का रोडशो पूरा
एनएसई देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। इसने दुनिया के कई बड़े शहरों में रोडशो किए हैं। इनमें बोस्टन, सैन फ्रांसिस्को, लंदन, सिंगापुर और हांगकांग शामिल हैं। इन शहरों में हुई मीटिंग में दुनिया के करीब 120 दिग्गज इनवेस्टर्स शामिल हुए। इनमें BlackRock, Capital Group, GQG Partners, Janus Henderson Group और ऑलस्प्रिुंग ग्लोबल इनवेस्टमेंट्स शामिल थे।
31,500 करोड़ रुपये का देश का सबसे बड़ा आईपीओ होगा
दुनिया के ब़ड़े स्टॉक्स एक्सेचेंजों में मार्केट वैल्यू के हिसाब से एनएसई छठे पायदान पर होगी। इसकी मार्केट वैल्यू लंदन स्टॉक एक्सचेंज से थोड़ी ही कम रह गई है। हालांकि, इसकी मार्केट वैल्यू Nasdaq से ज्यादा है। 5.3 लाख करोड़ रुपये की वैल्यूएशन पर एनएई अगर 6 फीसदी शेयर बेचता है तो इसका मतलब है कि यह आईपीओ 31,5000 करोड़ रुपये का हो सकता है।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पहले से सूचीबद्ध है
एनएसई का आईपीओ देश का सबसे बड़ा आईपीओ बन सकता है। अभी यह रिकॉर्ड ह्यूंडई मोटर के नाम है। इसने 2024 में 27,870 करोड़ रुपये का आईपीओ पेश किया था, जो अब तक का देश का सबसे बड़ा आईपीओ है। एनएसई का मुकाबला बीएसई से है। बीएसई के शेयर पहले से सूचीबद्ध हैं। इसके शेयर एनएसई में लिस्टेड हैं। एनएसई के शेयर बीएसई में लिस्ट होंगे।
एनएसई का आईपीओ पूरी तरह से ओएफएस होगा
एनएसई का आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। उसने जून में सेबी के पास ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस सब्मिट किया था। एनएसई के कुछ पुराने इनवेस्टर्स आईपीओ में अपने 14.89 करोड़ शेयर बेचेंगे। यह कंपनी में 6 फीसदी हिस्सेदारी के बराबर है। इस आईपीओ का इंतजार इनवेस्टर्स लंबे समय से कर रहे हैं।