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NSE IPO: समय से पहले ही फाइल होगा आईपीओ का ड्राफ्ट! इस कारण फटाफट बढ़ सकता है काम

NSE IPO: एनएसई देश के सबसे आईपीओ में से एक इश्यू लाने की तैयारियों में जुटा है। इसे लेकर रिकॉर्ड संख्या में मर्चेंट बैंकर्स को काम पर लगाया जा चुका है। अब सामने आ रहा है कि आईपीओ का ड्राफ्ट समय से पहले ही फाइल हो सकता है। जानिए इसकी वजह क्या है और इसके शेयरों की कब तक मार्केट में एंट्री हो सकती है

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड May 12, 2026 पर 12:15 PM
NSE IPO: समय से पहले ही फाइल होगा आईपीओ का ड्राफ्ट! इस कारण फटाफट बढ़ सकता है काम
NSE के शेयरहोल्डर्स की कुल संख्या एक महीने पहले 2 लाख का आंकड़ा पार कर गई थी और अभी यह 2.02 लाख है।

NSE IPO: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) आईपीओ लाने की तैयारियों में जुटी है। अब सामने आ रहा है कि इस आईपीओ का ड्राफ्ट उम्मीद से पहले ही फाइल हो सकता है। सीएनबीएसी-टीवी18 को सूत्रों के हवाले से यह जानकारी मिली है। जानकारी के मुताबिक एनएसई अपने आईपीओ के DRHP (ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस) दाखिल करने की प्रक्रिया को तेज कर सकता है। एनएसई ने पहले 14 जून 2026 तक आईपीओ का ड्राफ्ट दाखिल करने का लक्ष्य रखा था लेकिन अब इसे जून के शुरुआती दिनों में ही फाइल किया जा सकता है। इसे लेकर एनएसई पहले ही रिकॉर्ड संख्या में मर्चेंट बैंकर की नियुक्ति कर चुका है।

NSE IPO का ड्राफ्ट क्यों हो सकता है जल्द फाइल?

एनएसई के आईपीओ का ड्राफ्ट अब उम्मीद से पहले ही फाइल हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक इसकी वजह ये है कि शुरुआत में आईपीओ के जरिए बड़ी संख्या में खुदरा शेयरहोल्डर्स के शेयरों के बेचने की उम्मीद थी लेकिन फिलहाल ऐसे शेयरहोल्डर्स की संख्या बहुत ही कम है। सूत्रों के मुताबिक 500 से कम रिटेल शेयरहोल्डर्स ही एनएसई के आईपीओ के जरिए अपने शेयरों की बिक्री के लिए तैयार हो रहे हैं।

हालांकि खुदरा निवेशकों की हल्की भागीदारी के बावजूद मौजूदा शेयरहोल्डर्स में एनएसई की 5% इक्विटी बिक्री के लिए पहले ही ऑफर की जा चुकी है। सूत्रों के मुताबिक संस्थागत शेयरधारकों यानी इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स ने लिस्टिंग प्रक्रिया के तहत कुल मिलाकर अपनी मौजूदा होल्डिंग्स का लगभग 10% हिस्सा पेश किया है। एनएसई के शेयरहोल्डर्स की कुल संख्या एक महीने पहले 2 लाख का आंकड़ा पार कर गई थी और अभी यह 2.02 लाख है।

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