Popular Vehicles & Services IPO : पॉपुलर व्हीकल्स एंड सर्विसेज का आईपीओ 12 मार्च को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने वाला है। कंपनी का इरादा इश्यू के जरिए 601 करोड़ रुपये जुटाने का है। आईपीओ के लिए 280 से 295 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है। निवेशकों के पास इसमें 14 मार्च तक निवेश का मौका रहेगा। इश्यू के तहत 250 करोड़ रुपये के फ्रेश इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। इसके अलावा, 351.55 करोड़ रुपये के शेयरों की बिक्री ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत की जाएगी। कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग BSE और NSE पर होगी।
Popular Vehicles & Services IPO से जुड़ी डिटेल
OFS के हिस्से के रूप में प्राइवेट इक्विटी फंड बनयन ट्री ग्रोथ कैपिटल II एलएलसी द्वारा 1.19 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री की जाएगी। प्रमोटरों के पास कंपनी का 69.45 फीसदी हिस्सा है और शेष हिस्सेदारी पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास है, जिसमें बनयन ट्री भी शामिल है, जो कंपनी में सबसे बड़ा शेयरधारक है। कंपनी के प्रमोटर जॉन के पॉल, फ्रांसिस के पॉल और नवीन फिलिप के पास 23.15 फीसदी हिस्सेदारी है।
Popular Vehicles & Services IPO : लॉट साइज
निवेशक कम से कम 50 इक्विटी शेयरों और इसके मल्टीपल में बोली लगा सकते हैं। इसमें रिटेल इनवेस्टर्स को कम से कम 14,750 रुपये का निवेश करना होगा। कंपनी के शेयरों की संभावित लिस्टिंग तारीख 19 मार्च 2024 है। ऑटोमोबाइल डीलर ने अपने कुछ सब्सिडियरी कंपनियों का कर्ज चुकाने के लिए 192 करोड़ रुपये के इस्तेमाल की योजना बनाई है। शेष फंड का उपयोग सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। ICICI सिक्योरिटीज, नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट और सेंट्रम कैपिटल बुक-रनिंग लीड मैनेजर हैं, जबकि लिंक इनटाइम इंडिया इश्यू के लिए रजिस्ट्रार है।
Popular Vehicles & Services IPO : ये हैं रिस्क फैक्टर्स
पॉपुलर व्हीकल्स एंड सर्विसेज अपने दो OEM यानी मारुति सुजुकी और टाटा मोटर्स (कमर्शियल) पर काफी निर्भर है। कंपनी के ऑपरेशन का एक बड़ा हिस्सा केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक राज्यों में केंद्रित है। इन राज्यों में प्राकृतिक आपदा जैसी कोई भी घटना कंपनी के बिजनेस को नुकसान पहुंचा सकती है। कंपनी सहायक सेवाओं को पूरा करने के लिए इंडिपेंडेंट कॉन्ट्रैक्टर्स और थर्ड पार्टी के कस्टमर सर्विस प्रोवाइडर्स पर निर्भर है। अपने दायित्वों को पूरा करने में उनकी ओर से कोई भी विफलता का कंपनी पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
Popular Vehicles & Services के बारे में
पॉपुलर व्हीकल्स एंड सर्विसेज साल 1983 में इनकॉर्पोरेट हुई है। कंपनी व्हीकल ओनरशिप के पूरे लाइफ सायकल को पूरा करता है, जिसमें नए व्हीकल की बिक्री, वाहनों की सर्विसिंग और मरम्मत, स्पेयर पार्ट्स और एक्सेसरीज डिस्ट्रीब्यूशन, पूर्व-स्वामित्व वाले व्हीकल की बिक्री और एक्सचेंज की सुविधा और ड्राइविंग स्कूलों का संचालन शामिल है।
कंपनी के नेट प्रॉफिट और रेवेन्यू में लगातार इजाफा देखने को मिला है। FY21 में कंपनी का प्रॉफिट ऑफ्टर टैक्स (PAT) 32.46 करोड़ रुपये था, जो कि FY22 में बढ़कर 33.67 करोड़ रुपये और FY23 में 64.07 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह कंपनी का रेवेन्यू FY21 में 2,919.25 करोड़ रुपये से बढ़कर FY22 में 3,484.20 करोड़ रुपये और FY23 में 4,892.63 करोड़ रुपये हो गया है।