Ratnaveer Precision Engineering IPO: स्टेनलेस स्टील बनाने वाली कंपनी रत्नवीर प्रिसिजन इंजीनियरिंग (Ratnaveer Precision Engineering) का अगले हफ्ते 4 सितंबर को इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) खुलने वाला है। कंपनी ने अपने आईपीओ के लिए प्रति शेयर 93 से 98 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। 98 रुपये के ऊपरी प्राइस बैंड के हिसाब से कंपनी की अपने IPO के जरिए 165.03 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। कंपनी इसमें से 35.24 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी करेगी। वहीं प्रमोटर विजय रमनलाल सांघवी की ओर से 29.79 करोड़ रुपये का ऑफर-फॉर-सेल (OFS) शामिल है।
आईपीओ एंकर निवेशकों के लिए 1 सिंतबर को एक दिन के लिए खुलेगा। वहीं बाकी निवेशकों के लिए यह 4 सितंबर को खुलेगा और 6 सितंबर 2023 को बंद हो जाएगा।
आईपीओ का 50 फीसदी हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए रखा जाएगा। एंकर निवेशकों को इसी QIB के हिस्से में शेयर आवंटित किए जाएंगे। इसके अलावा 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) के लिए आरक्षित रखा जाएगा, जबकि बाकी 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल निवेशकों के लिए आरक्षित होगा।
गुजरात मुख्यालय वाली रत्नवीर प्रिसिजन इंजीनियरिंग के IPO के लिए निवेशक लॉट के हिसाब से बोली लगा सकते है। एक लॉट में कंपनी के 150 शेयर होंगे। इस तरह रिटेल निवेशकों को न्यूनतम 1 लॉट (150 शेयर) की बोली लगाने के लिए 14,700 रुपये का निवेश करना होगा। रिटेल निवेशक अधिकतम 13 लॉट के लिए बोली लगा सकते हैं और इसके लिए 1,91,100 रुपये निवेश करना होगा।
नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स वाले व्यक्ति न्यूनतम 2,05,800 रुपये मूल्य के 2,100 शेयरों के लिए आवेदन कर सकते हैं। वहीं 10,200 शेयरों के लिए उनका अधिकतम निवेश 9,99,600 रुपये होगा।
रत्नवीर गुजरात में चार मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स के माध्यम से अपना बिजनेस ऑपरेट करता है। कंपनी यूनिट-I में फिनिशिंग शीट, वॉशर और सोलर माउंटिंग हुक और यूनिट-II में एसएस पाइप और ट्यूब बनाती है। यूनिट-III और यूनिट-IV का उपयोग बैकवर्ड इंटीग्रेशन प्रोसेस के लिए किया जाता है। इसमें यूनिट-III मेल्टिंग यूनिट है और यूनिट-IV रोलिंग यूनिट है।
कंपनी ने मार्च 2022 को समाप्त वित्तीय वर्ष में 9.5 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट दर्ज किया है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 18.7 फीसदी अधिक है। इसी अवधि में राजस्व 74.6 फीसदी बढ़कर 426.9 करोड़ रुपये हो गया। FY23 के अगस्त में समाप्त 5 महीनों के अंत में कंपनी का राजस्व 169.5 करोड़ रुपये और लाभ 8.9 करोड़ रुपये रहा। डोमेस्टिक बिजनेस ने इसके राजस्व में लगभग 77 फीसदी योगदान दिया और शेष राजस्व निर्यात से आता है।