गुजरात बेस्ड स्टेनलेस स्टील प्रोडक्ट्स बनाने वाली कंपनी Ratnaveer Precision Engineering के आईपीओ को मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) की मंजूरी मिल गई है। कंपनी ने आईपीओ के लिए मंजूरी लेने के लिए जनवरी 2023 में सेबी के पास अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस दाखिल किया था। सेबी ने 30 जून को कंपनी को अपना ऑब्जर्वेशन लेटर जारी किया है। बता दें कि किसी भी कंपनी को आईपीओ लाने से पहले सेबी के ऑब्जर्वेशन लेटर की जरूरत होती है।
ड्राफ्ट पेपर के अनुसार रत्नवीर के 1.74 करोड़ इक्विटी शेयरों के पब्लिक इश्यू में 1.53 करोड़ फ्रेश इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। इसके अलावा, प्रमोटर विजय रमनलाल संघवी द्वारा 21 लाख शेयरों की बिक्री ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत की जाएगी।
आईपीओ कागजात के अनुसार स्टेनलेस स्टील पाइप और ट्यूब बनाने वाली कंपनी फंड का इस्तेमाल सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। इसके साथ ही वर्किंग कैपिटल जरूरतों के लिए भी फंड का उपयोग किया जाएगा।
रत्नवीर गुजरात में चार मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स के माध्यम से अपना बिजनेस ऑपरेट करता है। कंपनी यूनिट-I में फिनिशिंग शीट, वॉशर और सोलर माउंटिंग हुक और यूनिट-II में एसएस पाइप और ट्यूब बनाती है। यूनिट-III और यूनिट-IV का उपयोग बैकवर्ड इंटीग्रेशन प्रोसेस के लिए किया जाता है। इसमें यूनिट-III मेल्टिंग यूनिट है और यूनिट-IV रोलिंग यूनिट है।
कंपनी ने मार्च 2022 को समाप्त वित्तीय वर्ष में 9.5 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट दर्ज किया है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 18.7 फीसदी अधिक है। इसी अवधि में राजस्व 74.6 फीसदी बढ़कर 426.9 करोड़ रुपये हो गया। FY23 के अगस्त में समाप्त 5 महीनों के अंत में कंपनी का राजस्व 169.5 करोड़ रुपये और लाभ 8.9 करोड़ रुपये रहा। डोमेस्टिक बिजनेस ने इसके राजस्व में लगभग 77 फीसदी योगदान दिया और शेष राजस्व निर्यात से आता है।