Razorpay IPO: जल्द ही कॉन्फिडेंशियल रूट से जमा हो सकता है ड्राफ्ट, ₹4700-₹5700 करोड़ जुटाने की तैयारी

Razorpay IPO: रेजरपे को शशांक कुमार और हर्षिल माथुर ने साल 2014 में शुरू किया था। इसमें GIC, पीक XV, वाई कॉम्बिनेटर, सिकोइया कैपिटल इंडिया, रिबिट कैपिटल, मैट्रिक्स पार्टनर्स, मास्टरकार्ड और टाइगर ग्लोबल का भी पैसा लगा हुआ है

अपडेटेड Jun 13, 2026 पर 9:51 AM
Razorpay इसी साल यानि कि 2026 में शेयर बाजार में लिस्ट हो सकती है।

फिनटेक यूनिकॉर्न रेजरपे अपने IPO के लिए जल्द ही कॉन्फिडेंशियल तरीके से ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) जमा करने वाली है। CNBC-TV18 की रिपोर्ट के मुताबिक, सूत्रों का कहना है कि DRHP अगले हफ्ते कभी भी आ सकता है। अनुमानों के मुताबिक, Razorpay के IPO का साइज लगभग 50-60 करोड़ डॉलर या ₹4700 करोड़ से ₹5700 करोड़ के बीच हो सकता है। इस इश्यू में नए शेयरों के साथ-साथ प्रमोटर्स/मौजूदा निवेशकों की ओर से ऑफर फॉर सेल (OFS) दोनों रहेंगे।

कॉन्फिडेंशियल रूट कंपनियों को लिस्टिंग पर अंतिम फैसले पर पहुंचने तक गोपनीयता की सुविधा देता है। अगर जरूरी हो तो वे बाद में बाजार की स्थितियों के आधार पर महत्वपूर्ण जानकारी का खुलासा किए बिना ड्राफ्ट को वापस भी ले सकती हैं।

कॉन्फिडेंशियल प्री-फाइलिंग कंपनियों को सेंसिटिव बिजनेस डिटेल्स या फाइनेंशियल मेट्रिक्स और रिस्क्स को गोपनीय रखने की इजाजत देती है, खासकर कॉम्पिटीटर्स से। दूसरी ओर स्टैंडर्ड DRHP (ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस) फाइलिंग के बाद एक पब्लिक डॉक्युमेंट बन जाता है।


लगभग 5-6 अरब डॉलर वैल्यूएशन पर नजर

कहा जा रहा है कि रेजरपे इसी साल यानि कि 2026 में शेयर बाजार में लिस्ट हो सकती है। IPO में कंपनी की वैल्यूएशन लगभग 5-6 अरब डॉलर रहने का अनुमान है। एक्सिस कैपिटल, कोटक महिंद्रा कैपिटल, जेपी मॉर्गन और सिटी इस इश्यू को मैनेज या एडवाइज करने वाले इनवेस्टमेंट बैंक हैं।

साल 2025 के मई महीने में खबर आई कि रेजरपे ने पेरेंट कंपनी के रिवर्स फ्लिप की प्रोसेस पूरी कर ली है, यानि इसकी पेरेंट कंपनी अब यूएस बेस्ड नहीं बल्कि इंडिया बेस्ड हो गई है। इस प्रोसेस में रेजरपे की अमेरिका में रजिस्टर्ड पेरेंट कंपनी का भारतीय सहायक कंपनी रेजरपे सॉफ्टवेयर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ विलय करना शामिल था।

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2014 में हुई थी शुरुआत

रेजरपे को शशांक कुमार और हर्षिल माथुर ने साल 2014 में शुरू किया था। इसमें GIC, पीक XV, वाई कॉम्बिनेटर, सिकोइया कैपिटल इंडिया, रिबिट कैपिटल, मैट्रिक्स पार्टनर्स, मास्टरकार्ड और टाइगर ग्लोबल का भी पैसा लगा हुआ है। कंपनी के कॉम्पिटीटर्स में PayU, Adyen और Stripe शामिल हैं। भारत के फिनटेक स्पेस में पिछले साल Groww और पाइन लैब्स की लिस्टिंग हुई। 2024 में One Mobikwik Systems पब्लिक हुई। इसके अलावा पेटीएम, पीबी फिनटेक, जैगल प्रीपेड ओशियन सर्विसेज जैसे नाम पहले से शेयर बाजार में मौजूद हैं। नई लिस्टिंग्स में फोनपे के IPO का इंतजार है।

मार्च महीने में खबर आई कि कंपनी ने IPO लाने की योजना को फिलहाल के लिए टाल दिया है। यह फैसला मौजूदा भू राजनीतिक तनाव और बाजार में उतार चढ़ाव की वजह से लिया है। IPO के लिए फोनपे को SEBI से 20 जनवरी 2026 को मंजूरी मिली थी। प्लान IPO के जरिए लगभग 12,000 करोड़ रुपये जुटाने का था।

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