एलॉन मस्क की कंपनी SpaceX 12 जून को अमेरिकी शेयर बाजार में लिस्ट हो गई। शेयरों ने नैस्डेक पर शुरुआत की है। पहले ही दिन IPO खरीदने वालों को 19 प्रतिशत का गेन हासिल हुआ और SpaceX दुनिया की सबसे कीमती पब्लिक कंपनियों में शामिल हो गई। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, इसकी वैल्यूएशन 2.2 लाख करोड़ डॉलर हो गई। इसके साथ ही फाउंडर एलॉन मस्क दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर बन गए। फोर्ब्स रियल टाइम बिलियेनेयर इंडेक्स के मुताबिक, उनकी नेट वर्थ अब 1.1 लाख करोड़ डॉलर है।
रॉकेट, स्पेसक्राफ्ट, सैटेलाइट बनाने वाली SpaceX का IPO 75 अरब डॉलर का रहा था, जो कि दुनिया का अब तक का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू है। ब्लूमबर्ग के मुताबिक, कंपनी का शेयर 135 डॉलर प्रति शेयर के इश्यू प्राइस से 31 प्रतिशत तक उछला। बाद में 19 प्रतिशत की बढ़त के साथ 160.95 डॉलर पर बंद हुआ। इससे कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 2.2 लाख करोड़ डॉलर हो गया। इस तरह SpaceX ने स्टॉक मार्केट में अपना पहला दिन दुनिया की छठी सबसे ज्यादा वैल्यूएशन वाली पब्लिक कंपनी के तौर पर खत्म किया। कंपनी को S&P 500 में एंट्री के लिए इंतजार करना पड़ सकता है।
कभी मस्क को लगता था SpaceX हो जाएगी फेल
शुक्रवार सुबह X पर एक लाइवस्ट्रीम में मस्क ने कहा, "यह यकीन करना वाकई मुश्किल है कि एल सेगुंडो में एक गोदाम से शुरू हुई छोटी सी कंपनी अब, अब तक के सबसे बड़े IPO के साथ पब्लिक हो रही है। अगर लोगों ने मुझे पहले बोला होता कि ऐसा होने वाला है तो मैं कहता, यार तुम जरूर कोई बहुत अच्छा क्रैक पी रहे हो, क्योंकि मुझे लगता था कि यह कंपनी फेल हो जाएगी।"
ब्लूमबर्ग के मुताबिक, मामले की जानकारी रखने वाले लोगों का कहना है कि IPO के लिए इंस्टीट्यूशनल और रिटेल इनवेस्टर्स से 350 अरब डॉलर से ज्यादा की डिमांड आई। ऑर्डर देने वाली फर्मों में से लगभग एक-तिहाई को कोई स्टॉक नहीं मिला। रिटेल ट्रेडर्स से 100 अरब डॉलर से ज्यादा की डिमांड आई, जिसमें से ज्यादातर पूरी नहीं हो पाईं। इस कैटेगरी को लगभग 15 अरब डॉलर के स्टॉक ही मिले।
सऊदी अरामको का टूटा रिकॉर्ड
SpaceX IPO ने सऊदी अरामको के IPO का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। स्पेसएक्स से पहले सऊदी अरामको का इश्यू सबसे बड़ा IPO था। रॉयटर्स के मुताबिक, इसने दिसंबर 2019 में रियाद एक्सचेंज पर 25.6 अरब डॉलर जुटाए थे और कंपनी की वैल्यूएशन 1.71 लाख करोड़ डॉलर आंकी गई थी। SpaceX के मामले में अगर अंडरराइटर अतिरिक्त शेयर बेचने के अपने अधिकार का इस्तेमाल करते हैं तो कंपनी की वैल्यूएशन और बढ़ सकती है। यह फैसला आमतौर पर ऑफरिंग के 30 दिनों के अंदर लिया जाता है।