Razorpay IPO: दिग्गज फिनटेक कंपनी रेजरपे जल्द ही शेयर बाजार में लिस्ट होने वाली है। कंपनी को इसके लिए मार्केट रेगुलेटर SEBI (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) से मंजूरी मिल गई है। CNBC-TV18 की रिपोर्ट के मुताबिक रेजरपे इस आईपीओ के जरिए ₹5,500 करोड़ से ₹6,500 करोड़ तक जुटाने की योजना बना रही है। कंपनी ने आईपीओ का ड्राफ्ट सेबी के पास जून 2026 में कॉन्फिडेंशियल प्री-फाइलिंग रूट के तहत गोपनीय तरीके से दाखिल किया था। इस रूट के जरिए कंपनियां अपनी संवेदनशील वित्तीय और कारोबारी जानकारी सार्वजनिक किए बिना भी आईपीओ की प्रक्रिया शुरू कर सकती हैं।
साल 2021 में मिला था $750 करोड़ का वैल्यूएशन
सीएनबीसी-टीवी18 को सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक कंपनी का लक्ष्य लगभग $500 करोड़ यानी करीब ₹49,000-50,000 करोड़ का वैल्यूएशन हासिल करना है। रेजरपे को आखिरी बार साल 2021 में $750 करोड़ का वैल्यूएशन मिला था। उस समय कंपनी ने फंडिंग राउंड में $37.5 करोड़ जुटाए थे।
12 साल पहले शुरू हुई थी Razorpay
रेजरपे को साल 2014 में आईआईटी रुड़की के पूर्व छात्रों हर्षिल माथुर और शशांक कुमार ने शुरू किया था। यह कारोबारियों को पेमेंट प्रोसेसिंग, पेमेंट गेटवे और डिजिटल बैंकिंग सर्विसेज मुहैया कराती है। इसमें जीएआईसी (GIC), Peak XV Partners और टाइगर ग्लोबल (Tiger Global) जैसे दिग्गजों ने निवेश किया है। मार्केट में इसकी भिड़ंत पेयू (PayU), कैशफ्री पेमेंट्स (Cashfree Payments), पाइन लैब्स (Pine Labs), फोनपे (PhonePe) और पेटीएम (Paytm) जैसी कंपनियों से है। इसमें से पेयू देश में लिस्टिंग की तैयारी कर रही है तो पाइन लैब्स और पेटीएम पहले से ही लिस्टेड है जबकि फोनपे के इस वित्त वर्ष के आखिरी तक लिस्ट होने की उम्मीद है।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2025 में रेजरपे का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 65% बढ़कर ₹3,783 करोड़ और ग्रॉस प्रॉफिट भी ₹906 करोड़ से बढ़कर ₹1,277 करोड़ हो गया। हालांकि FY25 में कंपनी को ₹1,209 करोड़ का नेट लॉस हुआ।
इसके रेवेन्यू को पेमेंट गेटवे बिजनेस, रेजरपेएक्स और इंटरनेशनल ऑपरेशंस से सपोर्ट मिला जबकि मुनाफे को ESOP (एंप्लॉयी स्टॉक ओनरशिप प्लान) से जुड़े एकमुश्त खर्च और रिवर्स-फ्लिप प्रक्रिया से जुड़ी टैक्स देनदारियों से झटका लगा। रेजरपे ने मई 2023 में रिवर्स-फ्लिप प्रोसेस शुरू किया था, जिसके तहत इसने अपनी अमेरिकी मूल कंपनी का भारतीय सहायक कंपनी Razorpay Software India Pvt Ltd के साथ विलय कर लिया और अपना मुख्य कॉरपोरेट डोमिसाइल भारत में शिफ्ट कर दिया।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।