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Rishabh Instruments IPO : रेवेन्यू में विदेशी बाजार की ज्यादा हिस्सेदारी, क्या आपको IPO में इनवेस्ट करना चाहिए?

Rishabh Instruments IPO : कंपनी का करीब 77 फीसदी रेवेन्यू विदेश से आता है। 100 देशों में इसके करीब 3,000 क्लाइंट्स हैं। ज्यादातर क्लाइंट्स यूरोप और अमेरिका में हैं। इसने विदेश में अपने कारोबार के विस्तार के लिए कई कंपनियों के अधिग्रहण किए हैं। इनमें पोलेंड, इंग्लैंड, अमेरिका, चीन और साइप्रस में कंपनियां खरीदी हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 30, 2023 पर 4:46 PM
Rishabh Instruments IPO : रेवेन्यू में विदेशी बाजार की ज्यादा हिस्सेदारी, क्या आपको IPO में इनवेस्ट करना चाहिए?
कंपनी कैश-पॉजिटिव है। कर्ज पर इसकी बहुत कम निर्भरता है। हालांकि, यूरोप और चीन के मार्केट्स में इसे ग्रोथ को लेकर कुछ रिस्क का सामना करना पड़ सकता है। आने वाले सालों में विदेश के बजाय इंडिया में इसके कारोबार की ग्रोथ पर नजरें होंगी।

Rishabh Instruments IPORisabh Instruments ने 490 करोड़ रुपये का आईपीओ पेश किया है। ऋषभ इंस्ट्रूमेंट्स एक इंजीनियरिंग कंपनी है, जो ज्यादातर विदेशी मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को अपने प्रोडक्ट्स की सप्लाई करती है। इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट्स के साथ ही इसका फोकस हाई-प्रेशर डाय-कास्टिंग्स पर रहा है। इसके क्लाइंट्स में पावर, सोलर, ऑटोमोबाइल, प्रोसेस ऑटोमेशन सहित कई सेक्टर की कंपनियां हैं। अभी कंपनी का करीब 77 फीसदी रेवेन्यू विदेश से आता है। 100 देशों में इसके करीब 3,000 क्लाइंट्स हैं। ज्यादातर क्लाइंट्स यूरोप और अमेरिका में हैं। इसने विदेश में अपने कारोबार के विस्तार के लिए कई कंपनियों के अधिग्रहण किए हैं। इनमें पोलेंड, इंग्लैंड, अमेरिका, चीन और साइप्रस में कंपनियां खरीदी हैं।

फॉरेन मार्केट में कंपनी की अच्छी पैठ

यूरोप में Lumel के अधिग्रहण से यूरोपीय बाजार में पैठ बढ़ाने में कंपनी को मदद मिली है। Lumel नॉन-फेरस प्रेशर कास्टिंग प्लेयर है। ऋषभ इंस्ट्रूमेंट्स के पांच इंटिग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स हैं। इनमें दो इंडिया में नासिक में हैं। बाकी पोलैंड और चीन में हैं। कंपनी का फोकस कॉन्सेप्ट डिजाइन से लेकर बल्क मैन्युफैक्चरिंग पर रहा है। क्वालिटी स्टैंडर्ड बनाए रखने के साथ कंपनी स्केल और पहुंच बढ़ाने में सफल रही है। कंपनी ने संकेत दिया है कि इसका NABL-एक्रिडेटेड टेस्टिंग लैब कई तरह के टेस्ट्स करने में सक्षम हैं। इनमें इनवायरमेंटल टेस्टिंग, सेफ्टी टेस्टिंग, लाइफ साइकिल टेस्टिंग और इलेक्ट्रो-टेक्निकल कैलिबरेशन शामिल हैं।

आने वाले सालों में घरेलू बाजार में प्रदर्शन पर होंगी नजरें

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