Rishabh Instruments IPO : नासिक स्थित ऋषभ इंस्ट्रूमेंट्स (Rishabh Instruments) का आईपीओ 30 अगस्त को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने वाला है। निवेशक इस इश्यू में 1 सितंबर तक निवेश कर सकेंगे। कंपनी ने इश्यू के लिए 418-441 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। एंकर निवेशकों के लिए यह 29 अगस्त को ही खुल जाएगा। इस आईपीओ के जरिए कंपनी का इरादा करीब 491 करोड़ रुपये जुटाने का है। इस आईपीओ के तहत, 75 करोड़ रुपये के फ्रेश इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। इसके अलावा, कंपनी के मौजूदा शेयरधारकों और प्रमोटरों द्वारा 94.3 लाख शेयरों की बिक्री ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत की जाएगी।
OFS के हिस्से के रूप में आशा नरेंद्र गोलिया द्वारा 15 लाख शेयर, ऋषभ नरेंद्र गोलिया द्वारा 4 लाख शेयर, नरेंद्र ऋषभ गोलिया HUF द्वारा 5.18 लाख शेयर और SACEF होल्डिंग्स II द्वारा 70.1 लाख शेयरों की बिक्री की जाएगी। डीएएम कैपिटल एडवाइजर्स लिमिटेड, मिराए एसेट कैपिटल मार्केट्स इंडिया और मोतीलाल ओसवाल इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स इस इश्यू के लीड मैनेजर हैं।
इस आईपीओ के लिए 34 शेयरों का लॉट साइज तय किया गया है। इसका मतलब है कि निवेशकों को कम से कम 14,994 रुपये का निवेश करना होगा। आईपीओ का लगभग 50 फीसदी हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए, 15 फीसदी नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) के लिए और बाकी का 35 फीसदी खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित रखा गया है।
कहां होगा फंड का इस्तेमाल
डीआरएचपी के अनुसार 59.50 करोड़ रुपये के नए इश्यू से प्राप्त आय का इस्तेमाल अपनी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी का विस्तार करने, मुख्य क्षमताओं को बनाने और मजबूत करने और मैन्युफैक्चरिंग कैपिसिटी को बढ़ावा देने के लिए किया जाएगा।
सब्सक्रिप्शन के बाद सफल निवेशकों को शेयरों का अलॉटमेंट 6 सितंबर 2023 को होगा। वहीं, असफल निवेशकों के लिए रिफंड की प्रक्रिया 7 सितंबर को शुरू हो जाएगी। सफल निवेशकों के डीमैट अकाउंट में 8 सितंबर को शेयर क्रेडिट कर दिए जाएंगे। इसके बाद कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग 11 सितंबर को BSE NSE पर होगी।
Rishabh Instruments इलेक्ट्रिकल ऑटोमेशन डिवाइस के डिजाइन, डेवलपिंग, मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई में शामिल एक इंटीग्रेटेड प्लेयर है। कंपनी मीटरिंग, कंट्रोल और प्रोटेक्शन डिवाइस, पोर्टेबल टेस्ट और मापने के उपकरण और सोलर स्ट्रिंग इनवर्टर का काम करती है। इसके अलावा कंपनी अपनी शाखा लुमेल अलुकास्ट के माध्यम से एल्यूमीनियम हाई प्रेशर डाई-कास्टिंग बनाती और सप्लाई करती है। इसकी नासिक में दो मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी हैं और मार्च 2023 तक इसकी कुल स्थापित क्षमता 4.31 मिलियन यूनिट प्रति वर्ष है।
FY23 में परिचालन से कंपनी का राजस्व 569.54 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले 470.25 करोड़ रुपये था। इस अवधि में नेट प्रॉफिट 49.65 करोड़ रुपये के मुकाबले 49.69 करोड़ रुपये हो गया।