Saraswati Saree Depot IPO: सरस्वती साड़ी डिपो के आईपीओ को निवेशकों का मजबूत रिस्पॉन्स मिल रहा है। सब्सक्रिप्शन के दूसरे दिन अब तक यह इश्यू 16.34 गुना सब्सक्राइब हो गया है। इसे कुल 16.34 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिल गई है, जबकि ऑफर पर एक करोड़ शेयर हैं। यह आईपीओ 12 अगस्त को खुला है और निवेशकों के पास इसमें निवेश के लिए 14 अगस्त तक मौका रहेगा। कंपनी का इरादा इश्यू के जरिए 160 करोड़ रुपये जुटाने का है। इसके लिए 152-160 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है। इसके शेयरों की लिस्टिंग BSE और NSE पर होगी।
Saraswati Saree Depot IPO: सब्सक्रिप्शन से जुड़ी डिटेल
क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB)- 1.32 गुना
रिटेल इनवेस्टर्स - 20.30 गुना
(13 Aug 2024 | 05:30:00 PM)
Saraswati Saree Depot IPO से जुड़ी डिटेल
सरस्वती साड़ी डिपो के आईपीओ के तहत 104 करोड़ रुपये के फ्रेश इक्विटी शेयर जारी किए गए हैं। वहीं, ऑफर फॉर सेल के जरिए 56.02 करोड़ रुपये के शेयरों की बिक्री हो रही है। सब्सक्रिप्शन के बाद शेयरों का अलॉटमेंट 16 अगस्त को होने की उम्मीद है। वहीं, इसकी लिस्टिंग के लिए संभावित तारीख 20 अगस्त 2024 तय की गई है। आवेदन के लिए मिनिमम लॉट साइज 90 शेयर है। खुदरा निवेशकों को कम से कम ₹14,400 का निवेश करना होगा।
यूनिस्टोन कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड सरस्वती साड़ी डिपो आईपीओ का बुक रनिंग लीड मैनेजर है, जबकि बिगशेयर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड इस इश्यू का रजिस्ट्रार है। शंकर दुल्हानी, महेश दुल्हानी, राजेश दुल्हानी और विनोद दुल्हानी कंपनी के प्रमोटर हैं।
Saraswati Saree Depot IPO: ग्रे मार्केट का लेटेस्ट अपडेट
सरस्वती साड़ी डिपो के आईपीओ को ग्रे मार्केट से तगड़ा रिस्पॉन्स मिल रहा है। आज 13 अगस्त को यह इश्यू अनलिस्टेड मार्केट में 80 रुपये के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। इस हिसाब से कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग 240 रुपये के भाव पर होने की संभावना है। अगर ऐसा होता है तो निवेशकों को 50 फीसदी का तगड़ा मुनाफा होगा। हालांकि, ध्यान रहे कि ग्रे मार्केट में स्थिति लगातार बदलती रहती है।
Saraswati Saree Depot के बारे में
सरस्वती साड़ी डिपो लिमिटेड की स्थापना 1996 में हुई थी। कंपनी महिलाओं के लिए कपड़े बनाने और होलसेल के बिजनेस में है। इसका प्राइमरी बिजनेस साड़ियों का होलसेल (B2B) सेगमेंट है। यह महिलाओं के अन्य कपड़ों, जैसे कुर्तियां, ड्रेस मटीरियल, ब्लाउज पीस, लहंगे, बॉटम्स आदि के होलसेल बिजनेस में भी लगी हुई है। वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान सरस्वती साड़ी डिपो का रेवेन्यू 2 फीसदी बढ़ा, जबकि प्रॉफिट ऑफ्टर टैक्स (पीएटी) 29 फीसदी बढ़ा।