Saroja Pharma Industries India IPO : मुंबई स्थित फार्मास्युटिकल प्रोडक्ट ट्रेडर सरोजा फार्मा इंडस्ट्रीज इंडिया का आईपीओ 31 अगस्त को खुलने वाला है। यह ऑफर 5 सितंबर को बंद हो जाएगा। इस आईपीओ के लिए 84 रुपये प्रति शेयर का प्राइस तय किया गया है। कंपनी का इरादा 10.84 लाख इक्विटी शेयरों की बिक्री से 9.11 करोड़ रुपये जुटाने का है। इस आईपीओ के तहत केवल फ्रेश इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। यानी इसमें OFS के तहत कोई बिक्री नहीं होगी।
इस आईपीओ में 45.69 लाख रुपये मूल्य के 54,400 इक्विटी शेयर मार्केट मेकर के लिए आरक्षित होंगे। कुल इश्यू पोस्ट-इश्यू पेड-अप इक्विटी का 26.98 फीसदी होगा। कंपनी ने इश्यू का 50 फीसदी हिस्सा खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित किया है। इसके अलावा, शेष 50 फीसदी हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल के लिए रिजर्व रखा है, जिनकी एप्लीकेशन वैल्यू 2 लाख रुपये से अधिक है।
इश्यू के लिए 1600 शेयरों का लॉट साइज तय किया गया है। यानी निवेशक कम से कम 1,600 इक्विटी शेयरों के लिए और उसके बाद 1,600 शेयरों के मल्टीपल में बोली लगा सकते हैं। इसका मतलब है कि खुदरा निवेशकों को कम से कम 134,400 रुपये का निवेश करना होगा।
आईपीओ शेड्यूल के मुताबिक शेयरों की लिस्टिंग एनएसई के इमर्जिंग प्लेटफॉर्म पर 13 सितंबर को होगी। स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट इस इश्यू की मर्चेंट बैंकर है, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज ऑफर की रजिस्ट्रार है।
कहां होगा फंड का इस्तेमाल
सरोजा फार्मा API मैन्युफैक्चरिंग (एक्टिव फार्मास्युटिकल इनग्रेडिएंट) में एंट्री करने का इरादा रखती है। कंपनी फंड का इस्तेमाल API मैन्युफैक्चरिंग यूनिट (7.05 करोड़ रुपये) स्थापित करने और 175 करोड़ रुपये का कर्ज चुकाने के लिए करेगी। बाकी 31.35 लाख रुपये का इस्तेमाल इश्यू खर्च के लिए किया जाएगा।
कंपनी प्रमुख रूप से फार्मास्युटिकल बिजनेस में लगी हुई है। इसमें कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग के तहत निर्मित फार्मास्युटिकल फिनिश्ड फॉर्मूलेशन और प्रोडक्ट्स की मार्केटिंग, ट्रेडिंग और थर्ड पार्टी डिस्ट्रिब्यूशन शामिल है। इसकी मौजूदगी पाकिस्तान, यूके, जॉर्डन, सिंगापुर, बेलारूस, उरुग्वे, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, मिस्र, नीदरलैंड, आयरलैंड और केन्या जैसे देशों में है।
फार्मा प्रोडक्ट्स ट्रेडर कॉस्ट इफेक्टिव कृमिनाशक मानव उष्णकटिबंधीय और पशु चिकित्सा दवा बनाने की योजना बना रहे हैं। इसलिए, यह महाराष्ट्र के नासिक में 23 करोड़ रुपये की लागत से एक विनिर्माण इकाई स्थापित कर रही है।