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SBI Funds Management IPO: ₹11693 करोड़ के इश्यू में निवेश से पहले जान लें 15 अहम जोखिम

SBI Funds Management IPO: कंपनी में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की 61.76 प्रतिशत हिस्सेदारी है। 36.26 प्रतिशत हिस्सेदारी अमुंडी इंडिया होल्डिंग के पास है। लिस्टिंग के बाद, SBI की हिस्सेदारी घटकर 55.46% रह जाएगी। 3.7 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने के बाद अमुंडी के पास 32.56% हिस्सेदारी बनी रहेगी

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 11, 2026 पर 1:38 PM
SBI Funds Management IPO: ₹11693 करोड़ के इश्यू में निवेश से पहले जान लें 15 अहम जोखिम
SBI Funds Management का IPO पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल होगा।

SBI फंड्स मैनेजमेंट लिमिटेड का ₹11692.91 करोड़ का IPO 14 जुलाई को खुलने जा रहा है। इसमें 16 जुलाई तक निवेश किया जा सकेगा। उसके बाद अलॉटमेंट 17 जुलाई को फाइनल हो सकता है और कंपनी BSE, NSE पर 21 जुलाई को लिस्ट हो सकती है। SBI फंड्स मैनेजमेंट देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी है। यह भारत की सबसे पुरानी एसेट मैनेजमेंट कंपनी भी है और SBI म्यूचुअल फंड के लिए इनवेस्टमेंट मैनेजर के तौर पर काम करती है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की SBI फंड्स मैनेजमेंट में 61.76 प्रतिशत हिस्सेदारी है। 36.26 प्रतिशत हिस्सेदारी अमुंडी इंडिया होल्डिंग के पास है।

इस IPO में ₹545-574 प्रति शेयर के प्राइस बैंड में और 26 शेयरों के लॉट में निवेश कर सकते हैं। एंकर इनवेस्टर 13 जुलाई को बोली लगा सकेंगे। कंपनी के ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) को मार्केट रेगुलेटर SEBI ने 12 जून को मंजूरी दी थी। ड्राफ्ट मार्च, 2026 में SEBI के पास जमा किया गया था। इश्यू के लिए बोली लगाने से पहले निवेशकों का रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के पास फाइल किए गए RHP में बताए गए कुछ अहम जोखिमों को जान लेना जरूरी है...

1. AUM ग्रोथ पर निर्भरता

कंपनी का रेवेन्यू और मुनाफा सीधे तौर पर इसके क्वार्टरली एवरेज एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (QAAUM) से जुड़ा है। मार्केट में उतार-चढ़ाव या निवेशकों द्वारा पैसे निकालने (रिडेंप्शन) के कारण AUM में कोई भी बड़ी गिरावट या उसके कंपोजीशन में बदलाव, वित्तीय प्रदर्शन पर काफी असर डाल सकता है।

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