Senco Gold IPO : ज्वेलरी कंपनी Senco Gold के आईपीओ को आज 6 जुलाई को निवेशकों की शानदार प्रतिक्रिया मिली है। सब्सक्रिप्शन के अंतिम दिन यह इश्यू अब तक 73.35 गुना सब्सक्राइब हो गया है। इश्यू को अब तक 69,08,53,517 शेयरों के लिए बोलियां मिली है जबकि ऑफर पर 94,18,603 शेयर हैं। कंपनी ने इसके लिए 301-307 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। 21 एंकर निवेशकों से कुल 121.49 करोड़ रुपये पहले ही जुटा लिए गए हैं। सेनको गोल्ड इश्यू के जरिए 405 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है।
सब्सक्रिप्शन से जुड़ी डिटेल
Senco Gold के आईपीओ में सब्सक्रिप्शन के अंतिम दिन सभी कैटेगरी में निवेशकों की मजबूत प्रतिक्रिया मिली है। इसमे सबसे ज्यादा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) ने निवेश किया है। इसके अलावा रिटेल निवेशकों ने भी अच्छी-खासी दिलचस्पी दिखाई है। यहां हमने अलग-अलग कैटेगरी में सब्सक्रिप्शन के आंकड़ों की जानकारी दी है।
क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशन बायर्स (QIB) - 180.94 गुना
नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) - 65 गुना
रिटेल इंडिविजुअल इन्वेस्टर्स (RII) - 15.46 गुना
(BSE, 6 जुलाई 2023, 7:00:00 PM)
Senco Gold के आईपीओ को लेकर ग्रे मार्केट प्रीमियम में आज गिरावट देखी गई है। अनलिस्टेड मार्केट में आज यह इश्यू 75 रुपये के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। जबकि कल यह 90 रुपये के प्रीमियम पर था। आज के भाव के हिसाब से कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग 382 रुपये के भाव पर होने की संभावना है। अगर ऐसा होता है तो निवेशकों को 24 फीसदी का बंपर मुनाफा होगा। हालांकि, ग्रे मार्केट प्रीमियम में गिरावट देखी जा रही है।
सेनको गोल्ड इश्यू से 405 करोड़ रुपए जुटाने की तैयारी में है। इसमें 270 करोड़ रुपए का फ्रेश इश्य और 135 करोड़ रुपए का ऑफर फॉर सेल है। ऑफर फॉर सेल में कंपनी की निवेशक SAIF पार्टनर्स इंडिया IV अपने शेयर बेच रही है। ऑफर फॉर सेल से जुटाई गई पूरी रकम SAIF पार्टनर्स इंडिया IV के पास जाएगी। जबकि फ्रेश इश्यू से जुटाया गए फंड में से 196 करोड़ रुपए का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल रिक्वायरमेंट में किया जाएगा। इसके साथ ही जनरल कॉरपोरेट कामकाज में भी इसका इस्तेमाल होगा।
सेनको गोल्ड सोने, हीरे, चांदी और प्लैटिनम की ज्वैलरी बनाने और बेचने का काम करती है। Senco Gold पूर्वी भारत की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक है। इसका बिजनेस 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 96 शहरों में फैला हुआ है। कंपनी इन शहरों में अपने दम पर 75 स्टोर और फ्रेंचाइजी के माध्यम से 61 स्टोर चलाती है। कंपनी का लगभग 85 प्रतिशत रेवेन्यू गोल्ड ज्वैलरी से आता है। वहीं, लगभग 10 फीसदी राजस्व हीरे के आभूषणों से आता है। कंपनी के खजाने में सबसे ज्यादा योगदान पश्चिम बंगाल का है।