Sharp Chucks IPO: मशीनों में इस्तेमाल होने वाले अहम पार्ट्स बनाने वाली शार्प चक्स के आईपीओ को पहले दिन शानदार रिस्पांस मिला। पहले ही दिन यह आईपीओ 1.02 गुना भर गया लेकिन इसमें खुदरा निवेशकों की हिस्सेदारी ही अधिक है। खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित आधा हिस्सा 1.81 गुना सब्सक्राइब हुआ है और बाकी निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्से को महज 0.22 गुना ही बोली मिली है। अब ग्रे मार्केट में बात करें तो इसके शेयर आईपीओ के अपर प्राइस बैंड से 25 रुपये यानी 43.10 फीसदी की GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर हैं। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल्स के आधार पर ही निवेश से जुड़ा फैसला लेना चाहिए। आईपीओ की सफलता के बाद इसके शेयरों की NSE के SME प्लेटफॉर्म पर लिस्टिंग होगी।
Sharp Chucks And Machines IPO की डिटेल्स
शार्प चक्स एंड मशीन्स का 16.84 करोड़ रुपये का आईपीओ 5 अक्टूबर तक खुला रहेगा। इस आईपीओ के लिए 58 रुपये का भाव और 2000 शेयरों का लॉट फिक्स किया गया है। इश्यू का आधा हिस्सा खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित है। आईपीओ की सफलता के बाद शेयरों का अलॉटमेंट 10 अक्टूबर को फाइनल होगा। इसके बाद शेयरों की NSE SME पर 13 अक्टूबर को एंट्री होगी। इश्यू का रजिस्ट्रार स्काईलाइन फाइनेंशियल सर्विसेज है।
आईपीओ के तहत 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले 9,75,484 नए शेयर जारी होंगे। इसके अलावा 19,28,516 शेयरों की ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत बिक्री होगी। नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
Sharp Chucks And Machines के बारे में
1994 में बनी यह कंपनी गियर, डॉग क्लच, स्कफफोल्डिंग, सी क्लैम्प स्पैनर, रेंच एक्स, मशीनिस्ट हैमर, फायरमैन एक्स, ड्रिलिंग हैमर और कैंप एक्स जैसे फॉर्जिंग प्रोडक्ट्स तैयार करती है। इसके अलावा ब्रेक हाउसिंग, पिस्टन ट्रंपेट हाउसिंग, रैम सिलिंजर, ब्रेक ड्रम, फ्रंट एक्सेल हाउसिंग, फ्लाई व्हील, गियर केसिंग, सिलिंड ब्लॉक, प्लेट इनपुट रिटेनर और टेंपर हेड जैसे कास्टिंग प्रोडक्ट्स तैयार करती है। इनके अलावा यह पावर चक्स, लैथे चक्स, ड्रिल चक्स और मशीन टूल्स एक्सेसरीज जैसे मशीन कंपोनेंट्स बनाती है।
जालंधर में इसके दो मैनुफैक्चरिंग प्लांट हैं। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो इसकी सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2021 में इसे 3.31 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2022 में बढ़कर 4.53 करोड़ रुपये और फिर वित्त वर्ष 2023 में बढ़कर 5.07 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।