Signature Global IPO: आखिरी दिन तक 11.88 गुना सब्सक्राइब हुआ इश्यू, रिटेल निवेशकों ने लगाई 6.82 गुना अधिक बोली

Signature Global IPO: रियल एस्टेट डेवलपर सिग्नेचर ग्लोबल (Signature Global) का इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) शुक्रवार 22 सितंबर को बोली के आखिरी दिन तक 11.88 गुना सब्सक्राइब हुआ। इसी के साथ सिग्नेचर ग्लोबल का IPO अब बंद हो गया है। कंपनी को 1.12 करोड़ शेयरों के बदले करीब 13.36 करोड़ शेयरों के लिए बोली मिली है

अपडेटेड Sep 22, 2023 पर 9:54 PM
Signature Global के IPO में 603 करोड़ रुपये के नए शेयर शामिल हैं

Signature Global IPO: रियल एस्टेट डेवलपर सिग्नेचर ग्लोबल (Signature Global) का इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) शुक्रवार 22 सितंबर को बोली के आखिरी दिन तक 11.88 गुना सब्सक्राइब हुआ। इसी के साथ सिग्नेचर ग्लोबल का IPO अब बंद हो गया है। कंपनी ने अपने IPO के तहत 1.12 करोड़ शेयरों को बिक्री के लिए रखा था, जिसके बदले में उसे करीब 13.36 करोड़ शेयरों की बोली मिली है। कंपनी अपने IPO से कुल 730 करोड़ रुपये जुटाने की योजना में है।

रिटेल निवेशकों ने अपने कोटे को 6.82 गुना अधिक सब्सक्राइक किया। वहीं हाई नेटवर्थ वाले व्यक्तियों (HNI) ने 13.54 गुना अधिक बोली लगाई। कंपनी ने IPO का 10 प्रतिशत हिस्सा रिटेल निवेशकों और 15 प्रतिशत हिस्सा HNI के लिए आरक्षित रखा था।

वहीं बाकी का 75 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित किया गया था, जिन्होंने अपने हिस्से को 12.71 गुना सब्सक्राइब किया था। QIB आमतौर पर मध्यम से लंबी अवधि के निवेशक होते हैं। 20 सितंबर को खुले इस आईपीओ को दूसरे दिन तक 1.61 गुना सब्सक्राइब किया गया था।


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सिग्नेचर ग्लोबल ने अपने IPO में 603 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी किए हैं। वहीं करीब 127 करोड़ रुपये के शेयर को इसकी शेयरधारक इंटरनेशनल फाइनेंस कॉरपोरेशन की ओर से बिक्री के लिए रखा गया है। कंपनी ने अपने IPO के लिए 366 से 385 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था।

सिग्नेचर ग्लोबल अपना कारोबार नेशनल कैपिटल रिजन में करती है। कंपनी ने बताया कि वह नए शेयरों को जारी कर जुटाए गए रकम में से 432 करोड़ रुपये का इस्तेमाल अपनी और सहायक कंपनियों का कर्ज चुकाने में करेगी। 30 जून तक कंपनी पर 495.26 करोड़ रुपये का कर्ज था, जबकि इसकी चार सहायक कंपनियों की उधारी 123.86 करोड़ रुपये थी। कंपनी ने कहा है कि बाकी पैसों का इस्तेमाल जमीन के अधिग्रहण और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।

किफायती और मिड-सेगमेंट के लिए आवास बनाने वाली कंपनी ने पिछले कुछ वित्त वर्षों से घाटे की सूचना दी थी, हालांकि पिछले साल इसमें कमी आई है। वित्त वर्ष 2023 में इसका शुद्ध घाटा 63.7 करोड़ रुपये रहा, जो वित्त वर्ष 2022 में 115.5 करोड़ रुपये था। वहीं कंपनी का रेवेन्यू इसी अवधि के दौरान 901.3 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,553.6 करोड़ रुपये हो गया।

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