Srivari Spices IPO : श्रीवारी स्पाइसेज एंड फूड्स (Srivari Spices and Foods) का आईपीओ साल 2023 में सबसे अधिक सब्सक्रिप्शन हासिल करने वाला आईपीओ बन गया है। कंपनी महज 9 करोड़ रुपये जुटाने के लिए आईपीओ लेकर आई थी, लेकिन मसाला और आटा बेचने वाली इस कंपनी को 2,700 करोड़ रुपये से अधिक की बोलियां मिली हैं। निवेशकों की ओर से इस बंपर प्रतिक्रिया ने हर किसी को हैरान कर दिया है। 9 अगस्त को सब्सक्रिप्शन के अंतिम दिन तक यह इश्यू 450.03 गुना सब्सक्राइब हुआ है।
निवेशकों की शानदार प्रतिक्रिया पर क्या है एक्सपर्ट्स की राय
एक मर्चेंट बैंकर ने नाम न छापने का अनुरोध करते हुए कहा, "इतनी अच्छी प्रतिक्रिया का सटीक कारण बताना मुश्किल है, लेकिन मुझे लगता है कि बिजनेस ने अब तक अच्छा प्रदर्शन किया है, जिसके कारण इसे बंपर प्रतिक्रिया मिली है।
7.07 रुपये के अर्निंग पर शेयर (EPS) और 40-42 रुपये के प्राइस बैंड पर कंपनी निवेशकों को अपनी कमाई के 6 गुना पर शेयर ऑफर कर रही है। यह मेनबोर्ड एफएमसीजी कंपनियों की तुलना में बहुत सस्ता कहा जा सकता है। गैर-लिस्टेड शेयरों के डीलर अनलिस्टेड ज़ोन के उमेश पालीवाल ने कहा कि ग्रे मार्केट में इस शेयर की मांग बनी हुई है। बाजार में एक्टिव कई डीलरों के अनुसार इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम (जीएमपी) 59-60 फीसदी है।
बंपर प्रतिक्रिया को लेकर पालीवाल ने कहा कि इसका कारण तुलनात्मक रूप से ऑफर साइज छोटा होना हो सकता है। पिछले कुछ महीनों में आए अधिकांश SME IPO का साइज श्रीवारी से 3-5 गुना अधिक देखा गया है। श्रीवारी फूड्स के शेयर 18 अगस्त को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड के EMERGE प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होंगे।
Srivari Spices फंड का इस्तेमाल मुख्य रूप से कंपनी की वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करना चाहती है। कंपनी ने अपने ड्राफ्ट पेपर में कहा कि FY21-23 के दौरान ऑपरेशन से उसका राजस्व 77.25 फीसदी सीएजीआर की दर से बढ़ा। इसका नेट प्रॉफिट 198 फीसदी सीएजीआर की स्पीड से बढ़ा है।
श्रीवारी वर्तमान में मिर्च पाउडर, सांभर मसाला, धनिया पाउडर, गरम मसाला, चक्की आटा सहित कई तरह के मसाले बेचती है। ये सभी श्रीवारी ब्रांड के तहत हैं। कंपनी का दावा है कि वह अपने प्रोडक्ट्स को देश भर के किसानों से सीधे प्राप्त करती है और बिना किसी प्रमुख मध्यस्थ को शामिल किए सीधे ग्राहकों को बेचती है। इस तरह कंपनी कस्टमर्स को कॉस्ट कंपीटीटिव और किफायती प्रोडक्ट्स बेचती है।
कंपनी की दो यूनिट हैं - एक मसालों के लिए और दूसरी आटा के लिए। FY23 में मसालों ने राजस्व में दो-तिहाई योगदान दिया, जबकि शेष गेहूं के आटे से आया। इसके टॉप पांच ग्राहकों ने 56 फीसदी राजस्व प्रदान किया जबकि टॉप 10 ने 70 फीसदी राजस्व प्रदान किया है।
अलग-अलग कैटेगरी में कितना मिला सब्सक्रिप्शन
श्रीवारी स्पाइसेस एंड फूड्स आईपीओ को अंतिम दिन 450.03 गुना सब्सक्राइब किया गया। इसके तहत, नॉन-इंस्टीट्यूशनल बायर्स के हिस्से को 786.11 गुना सब्सक्राइब किया गया है। वहीं, खुदरा निवेशकों का हिस्सा 517.95 गुना सब्सक्राइब हुआ है। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 79.10 गुना सब्सक्राइब हुआ है। आंकड़ों के मुताबिक कंपनी को ऑफर पर 2,142,000 शेयरों के मुकाबले 64,26,39,000 शेयरों के लिए बोलियां मिली हैं।