SRM Contractors IPO : जम्मू और कश्मीर स्थित ईपीसी कॉन्ट्रेक्टर एसआरएम कॉन्ट्रैक्टर्स के आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। आज 28 मार्च को सब्सक्रिप्शन के अंतिम दिन तक यह इश्यू 86.57 गुना भर गया है। आईपीओ को सबसे ज्यादा रिस्पॉन्स नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) की कैटेगरी में मिला है। इसे कुल 37.57 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिल गई है जबकि ऑफर पर 43.30 लाख शेयर हैं। कंपनी का इरादा इश्यू के जरिए 130.20 करोड़ रुपये जुटाने का है। कंपनी ने इश्यू के लिए 200-210 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड रखा है। कंपनी ने तीन एंकर निवेशकों से 39.06 करोड़ रुपये जुटा लिए हैं।
SRM Contractors IPO : सब्सक्रिप्शन से जुड़ी डिटेल
क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (QIB) - 59.59 गुना
रिटेल इनवेस्टर्स - 46.97 गुना
(28 Mar 2024 | 05:00:00 PM)
SRM Contractors IPO से जुड़ी डिटेल
पब्लिक इश्यू पूरी तरह से 62 लाख शेयरों का एक फ्रेश इश्यू है। इसका मतलब है कि आईपीओ से होने वाली पूरी आय कंपनी को मिलेगी। आईपीओ साइज का आधा हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 15 फीसदी नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए और शेष 35 फीसदी खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित किया गया है।
नियोमाइल ग्रोथ फंड - सीरीज I एंकर बुक में सबसे बड़ा इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर रहा, जिसने 19 करोड़ रुपये के 9.05 लाख इक्विटी शेयर खरीदे। वहीं, सेंट कैपिटल फंड और एस्टोर्न कैपिटल वीसीसी - अर्वेन ने 10 करोड़ रुपये मूल्य के 4.77 लाख इक्विटी शेयर खरीदे।
सब्सक्रिप्शन के बाद शेयरों का अलॉटमेंट 1 अप्रैल तक किया जा सकता है। शेयर 2 अप्रैल तक सफल निवेशकों के डीमैट अकाउंट में जमा किए जाएंगे। स्टॉक के 3 अप्रैल को NSE और BSE पर लिस्ट होने की उम्मीद है।
SRM Contractors और इसका फाइनेंशियल
एसआरएम कॉन्ट्रैक्टर्स मुख्य रूप से जम्मू और कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेशों में सड़कों (पुलों सहित), सुरंगों, स्लोप स्टेबलाइजेशन वर्क्स और अन्य कई सिविल कंस्ट्रक्शन एक्टिविटीज का काम करती है। एसआरएम कॉन्ट्रैक्टर्स ने FY23 में 17.57 करोड़ रुपये से बढ़कर 18.75 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया। रेवेन्यू FY22 में 263.3 करोड़ रुपये से बढ़कर 300.3 करोड़ रुपये हो गया। मौजूदा वित्त वर्ष के नौ महीनों में 234.55 करोड़ रुपये के रेवेन्यू पर नेट प्रॉफिट 21.07 करोड़ रुपये रहा। दिसंबर तक कंपनी पर 32.74 करोड़ रुपये का कर्ज था।