Tata Technologies IPO: टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा टेक्नोलॉजीज ने इस साल मार्च में अपना इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) लाने के लिए मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) के पास डॉक्यूमेंट जमा कराए थे। यह टाटा मोटर्स की एक सब्सिडियरी कंपनी है। Tata Technologies मुख्य रूप से 4 सेगमेंट अपनी सेवाएं देती है। इसमें इंजीनियरिंग रिसर्च एंड डेवलपमेंट (ER&D), डिजिटल एंटरप्राइज सर्विस, एजुकेशनल सर्विस और प्रोडक्ट एंड वैल्यू एडेड रिसेलिंग शामिल है। कंपनी अपने ER&D बिजनेस के तहत ऑटो कंपनियों को इंजीनियरिंग सेवाएं मुहैया कराती है। वहीं इसका डिजिटल एंटरप्राइज सर्विस सेगमेंट में कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स, मशीन लर्निंग और अन्य जैसी सेवाओं में काम करती है। टाटा टेक्नोलॉजीज की एजुकेशनल सर्विस, छात्रों को मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री पर आधारित ज्ञान मुहैया कराती है।
Tata Technologies के मुख्य क्लाइंट में टाटा मोटर्स (Tata Motors) और जगुआर लैंड रोवर (Jaguar Land Rover) शामिल हैं। टाटा मोटर्स का प्रोडक्ट डेवलपमेंट और इंजीनियरिंग पर होने वाला खर्च, बिक्री के मुकाबले में वित्त वर्ष 2020 से 2023 के दौरान 1.50 प्रतिशत बढ़ा है। हालांकि जगुआर लैंड रोवर का रिसर्च एंड डेवलपमेंट पर होने वाला खर्च FY20 की तुलना में FY23 में 0.40 फीसदी गिर गया।
एवेंडस स्पार्क ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा, "कंपनी के ग्रोथ की भविष्य में अच्छी संभावनाएं अच्छी दिखती हैं क्योंकि "टाटा मोटर्स इसकी प्रमोटर है और यह टाटा मोटर्स की सहायक कंपनी है। टाटा मोटर्स/JLR के साथ लंबी अवधि के संबंधों से कंपनी को लाभ मिलेगा।"
देश की शीर्ष-10 ऑटोमोटिव ER&D कंपनियों में से 6 टाटा टेक्नोलॉजीज की क्लाइंट हैं। एवेंडस कैपिटल ने कहा कि वहीं शीर्ष-20 ऑटोमोटिव ER&D कंपनियों में से 11 इसकी क्लाइंट है। कंपनी की क्लाइंट सूची में 35 अधिक पारंपरिक ऑटोमोटिव OEM, टियर 1 सप्लायर्स और 12 से अधिक न्यू एनर्जी व्हीकल कंपनियां हैं।
टाटा टेक्नोलॉजीज के ग्राहकों के रूप में शीर्ष 10 ऑटोमोटिव ईआर एंड डी कंपनियों में से छह हैं। एवेंडस कैपिटल ने कहा कि इसमें शीर्ष 20 ऑटोमोटिव ईआर एंड डी कंपनियों में से 11 हैं। कंपनी के पास 35 से अधिक पारंपरिक ऑटोमोटिव ओईएम, टियर 1 आपूर्तिकर्ता और 12 से अधिक नई ऊर्जा वाहन कंपनियां हैं।
9.57 करोड़ शेयरों होगा IPO साइज
Tata Technologies ने मार्च में सेबी को अप्लिकेशन भेजा था। उसे जल्द मार्केट रेगुलेटर से एप्रूवल मिलने का इंतजार है। यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। इसका मतलब है कि कंपनी नए शेयर जारी नहीं करेगी। कंपनी के प्रमोटर अपने 9.57 करोड़ शेयरों को बेचेंगे। यह कंपनी के पेड-अप शेयर कैपिटल का 23.60 फीसदी होगा। इस कंपनी में टाटा मोटर्स की हिस्सेदारी 74.68 फीसदी है।
टाटा मोटर्स बेचेगी इतने शेयर
ओएफएस में टाटा टेक्नोलॉजीज की पेरेंट कंपनी टाटा मोटर्स अपने 8.11 करोड़ शेयर बेचेगी। यह कंपनी में टाटा मोटर्स की 20 फीसदी हिस्सेदारी के बराबर है। इसके अलावा अल्फा टीसी होल्डिंग्स अपने 97.16 लाख शेयर बेचेगी। टाटा कैपिटल ग्रोथ फंड I 48.58 लाख शेयर बेचेगी। अभी आईपीओ के साइज के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है।