Unicommerce IPO subscription: स्नैपडील और सॉफ्टबैंक के निवेश वाली कंपनी यूनीकॉमर्स ई-सॉल्यूशन्स के आईपीओ को निवेशकों का तगड़ा रिस्पॉन्स मिला है। सब्सक्रिप्शन के अंतिम दिन तक यह इश्यू 168.39 गुना सब्सक्राइब हो गया है। इसे कुल 237.16 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिली है, जबकि ऑफर पर 1.40 करोड़ शेयर हैं। इस आईपीओ के सभी कैटेगरी में निवेशकों ने जमकर दांव लगाया है। इसके लिए 102-108 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है। कंपनी आईपीओ के जरिए 276.57 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है।
Unicommerce IPO: सब्सक्रिप्शन से जुड़ी डिटेल
क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB)- 138.75 गुना
रिटेल इंडिविजुअल इनवेस्टर्स - 131.15 गुना
(08 Aug 2024 | 05:30:00 PM)
Unicommerce IPO से जुड़ी डिटेल
यूनीकॉमर्स ई-सॉल्यूशन्स ने एंकर निवेशकों से 124.5 करोड़ रुपये जुटाए हैं। इस आईपीओ का लॉट साइज 138 शेयर है। कंपनी 276.57 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। शेयरों की लिस्टिंग BSE और NSE पर 13 अगस्त को होगी। यूनिकॉमर्स ई-सॉल्यूशंस की शुरुआत 2012 में हुई थी। 2015 में इसे स्नैपडील ने खरीद लिया।
यह सॉफ्टवेयर-एज-ए-सर्विस (SaaS) प्लेटफॉर्म, ब्रांड्स, सेलर्स और लॉजिस्टिक्स प्रोवाइडर्स के लिए ई-कॉमर्स ऑपरेशंस मैनेज करता है। IPO में केवल 2.56 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा। इसका मतलब है कि IPO से मिलने वाले पैसे, OFS में शेयर बिक्री करने वाले शेयरहोल्डर्स के पास जाएंगे। कंपनी को कोई अमाउंट नहीं मिलेगा।
कंपनी के प्रमोटर AceVector Limited (पुराना नाम Snapdeal), Starfish I Pte. Ltd, कुणाल बहल और रोहित कुमार बंसल हैं। IPO में स्नैपडील 94.38 लाख शेयरों को बेचना चाहती है। वहीं सॉफ्टबैंक 1.61 करोड़ शेयरों को बिक्री के लिए रखेगी।
Unicommerce की 2012 में हुई थी शुरुआत
गुरुग्राम स्थित यह यूनीकॉमर्स 2012 में स्थापित हुई और 2015 में स्नैपडील ने इसका अधिग्रहण कर लिया। कंपनी अपने SaaS-बेस्ड टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट्स के कंप्रिहेंसिव सूट के माध्यम से D2C ब्रांडों, रिटेल कंपनियों और अन्य ऑनलाइन सेलर्स के लिए ई-कॉमर्स ऑपरेशन के एंड-टू-एंड मैनेजमेंट करती है। यूनिकॉमर्स के रेवेन्यू में एंटरप्राइज क्लाइंट का बड़ा हिस्सा है। वित्त वर्ष 24 में इसके राजस्व का 87.76 फीसदी एंटरप्राइज क्लाइंट से आया।
दिसंबर 2023 में यूनिकॉमर्स में पब्लिक मार्केट इनवेस्टर्स ने निवेश किया। इसमें एंकरेज कैपिटल पार्टनर्स, माधुरी मधुसूदन केला, रिजवान कोइता और जगदीश मूरजानी (CitiusTech के को-फाउंडर), दिलीप वेलोडी (सदरलैंड ग्लोबल सर्विसेज के फाउंडर) और अन्य शामिल हैं, जिन्होंने कंपनी में शेयर हासिल किए। मई-जुलाई 2024 की अवधि के दौरान सिद्धार्थ सुंदर अय्यर (SI इन्वेस्टमेंट्स), एस. के. जैन (को-फाउंडर, वेस्टब्रिज कैपिटल) और वरुण अलघ (Mamaearth) सहित अन्य HNI ने भी कंपनी में शेयर खरीदे हैं।