Unicommerce IPO: स्नैपडील और सॉफ्टबैंक के निवेश वाली कंपनी यूनीकॉमर्स का आईपीओ 6 अगस्त को खुलने वाला है। निवेशकों के पास इस इश्यू में 8 अगस्त तक निवेश का मौका रहेगा। वहीं, एंकर निवेशकों के लिए यह आईपीओ 5 अगस्त को एक दिन के लिए खुलेगा। कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग की संभावित तारीख 13 अगस्त है। यह जानकारी सूत्रों ने दी है। कंपनी ने ऑफर फॉर सेल (OFS) का इश्यू साइज 2.98 करोड़ शेयरों से घटाकर 2.56 करोड़ शेयर कर दिया है। इस आईपीओ के तहत फ्रेश इक्विटी शेयर जारी नहीं होंगे, जिसका मतलब है कि कंपनी को इससे कोई फंड नहीं मिलेगा।
Unicommerce IPO के OFS से जुड़ी डिटेल
स्नैपडील की योजना ऑफर फॉर सेल के हिस्से के रूप में 94.38 लाख शेयर बेचने की है, जबकि सॉफ्टबैंक 1.61 करोड़ शेयर बेचने की तैयारी कर रही है। प्रमोटर और स्नैपडील के फाउंडर कुणाल बहल और रोहित बंसल से जुड़े निवेशक बी2 कैपिटल पार्टनर्स ने आईपीओ में 22.1 लाख शेयर बेचने की अपनी योजना रद्द कर दी है।
रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस के अनुसार यूनीकॉमर्स का रेवेन्यू FY24 में 15.5 फीसदी की बढ़कर 104 करोड़ रुपये हो गया, जबकि नेट प्रॉफिट दो गुना से अधिक बढ़कर 13 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी ने FY24 में 78.52 फीसदी का ग्रॉस मार्जिन दर्ज किया।
कंपनी के लिए एम्प्लॉई एक्सपेंसेस 65 करोड़ रुपये के साथ सबसे बड़ा कॉस्ट आइटम बना रहा, हालांकि यह FY23 में 67 फीसदी से FY24 में 63 फीसदी तक रेवेन्यू के शेयर के रूप में थोड़ा कम हुआ है। यूनिकॉमर्स द्वारा प्रोसेस्ड ऑर्डर आइटम की संख्या FY23 में 5.65 करोड़ से 37 फीसदी बढ़कर FY24 में 77.2 करोड़ हो गई।
Unicommerce की 2012 में हुई थी शुरुआत
गुरुग्राम स्थित यह यूनीकॉमर्स 2012 में स्थापित हुई और 2015 में स्नैपडील ने इसका अधिग्रहण कर लिया। कंपनी अपने SaaS-बेस्ड टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट्स के कंप्रिहेंसिव सूट के माध्यम से D2C ब्रांडों, रिटेल कंपनियों और अन्य ऑनलाइन सेलर्स के लिए ई-कॉमर्स ऑपरेशन के एंड-टू-एंड मैनेजमेंट करती है। यूनिकॉमर्स के रेवेन्यू में एंटरप्राइज क्लाइंट का बड़ा हिस्सा है। वित्त वर्ष 24 में इसके राजस्व का 87.76 फीसदी एंटरप्राइज क्लाइंट से आया।
दिसंबर 2023 में यूनिकॉमर्स में पब्लिक मार्केट इनवेस्टर्स ने निवेश किया। इसमें एंकरेज कैपिटल पार्टनर्स, माधुरी मधुसूदन केला, रिजवान कोइता और जगदीश मूरजानी (CitiusTech के को-फाउंडर), दिलीप वेलोडी (सदरलैंड ग्लोबल सर्विसेज के फाउंडर) और अन्य शामिल हैं, जिन्होंने कंपनी में शेयर हासिल किए। मई-जुलाई 2024 की अवधि के दौरान सिद्धार्थ सुंदर अय्यर (SI इन्वेस्टमेंट्स), एस. के. जैन (को-फाउंडर, वेस्टब्रिज कैपिटल) और वरुण अलघ (Mamaearth) सहित अन्य HNI ने भी कंपनी में शेयर खरीदे हैं।