Updater Services IPO : चेन्नई बेस्ड अपडेटर सर्विसेज का आईपीओ 25 सितंबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने वाला है। निवेशकों के पास इसमें 27 सितंबर तक निवेश का मौका है। इस आईपीओ के तहत 400 करोड़ रुपये के फ्रेश इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। इसके अलावा, कंपनी के प्रमोटरों और निवेशकों द्वारा 80 लाख इक्विटी शेयरों की बिक्री ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत की जाएगी। एंकर निवेशकों के लिए यह इश्यू 22 सितंबर को खुलेगा।
प्रमोटर टैंगी फैसिलिटी सॉल्यूशंस ओएफएस के माध्यम से 40 लाख इक्विटी शेयर बेचेंगे और शेष 40 लाख शेयर इंडिया बिजनेस एक्सीलेंस फंड - II और IIA द्वारा बेचे जाएंगे। कंपनी में प्रमोटरों की 80.58 फीसदी हिस्सेदारी है और इंडिया बिजनेस एक्सीलेंस फंड II और इंडिया बिजनेस एक्सीलेंस फंड II ए सहित सार्वजनिक शेयरधारकों के पास शेष 19.43 प्रतिशत शेयर हैं। कंपनी ने आईपीओ हिस्से का 75 फीसदी तक क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 15 फीसदी हिस्सा हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल के लिए और शेष 10 फीसदी खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित किया है।
कंपनी की पूरे भारत में मौजूदगी है। फैसिलिटी मैनेजमेंट और बिजनेस सपोर्ट सर्विसेज प्रोवाइड करने वाली कंपनी आईपीओ से मिलने वाले 133 करोड़ रुपये के फंड का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए करेगी। 115 करोड़ रुपये को वर्किंग कैपिटल जरूरतों के लिए खर्च किया जाएगा। इसके अलावा, 80 करोड़ रुपये का इस्तेमामल इनऑर्गेनिक इनिशिएटिव के लिए होगा। शेष फंड का उपयोग सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। मार्च 2023 तक, कंपनी की कुल कंसोलिडेटेड उधारी 176.54 करोड़ रुपये थी।
कंपनी सब्सक्रिप्शन के बाद सफल निवेशकों को 4 अक्टूबर तक शेयरों का अलॉटमेंट करेगी। 6 अक्टूबर तक उनके सफल निवेशकों के डीमैट अकाउंट में शेयर क्रेडिट कर दिए जाएंगे। असफल निवेशकों के लिए रिफंड की प्रक्रिया 5 अक्टूबर को शुरू होगी। आईपीओ शेड्यूल के अनुसार, कंपनी के इक्विटी शेयर 9 अक्टूबर को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होंगे। IIFL सिक्योरिटीज, मोतीलाल ओसवाल इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स और SBI कैपिटल मार्केट्स इस इश्यू के मर्चेंट बैंकर हैं।
अपडेटर सर्विसेज का दावा है कि यह भारत में इंटीग्रेटेड फैसिलिटी मैनेजमेंट मार्केट में दूसरी सबसे बड़ी प्लेयर है। बिजनेस सपोर्ट सर्विसेज सेगमेंट में यह अपनी सब्सिडियरी कंपनी मैट्रिक्स के माध्यम से ऑडिट और एश्योरेंस सर्विसेज प्रदान करती है। इसके अलावा, यह सब्सिडियरी कंपनियों डेनवे और एथेना के माध्यम से सेल्स इनेबलमेंट सर्विसेज प्रदान करती है, जबकि कंपनी एक अन्य सब्सिडियरी कंपनी एवन के माध्यम से मेलरूम मैनेजमेंट सर्विसेज प्रदान करती है।
कंपनी ने मार्च FY23 को समाप्त वर्ष में 34.6 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 40 फीसदी कम है। यह वीक ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस से प्रभावित हुआ है। हालांकि, इसी अवधि में कंपनी का राजस्व (वित्त आय सहित) 41.3 फीसदी बढ़कर 2,104.9 करोड़ रुपये हो गया।