Utkarsh SFB IPO : उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक के आईपीओ को निवेशकों की जबरदस्त प्रतिक्रिया मिलती दिख रही है। आज 12 जुलाई को इस आईपीओ में सब्सक्रिप्शन का पहला दिन था और इश्यू खुलने के दो घंटे में ही यह पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया था। पहले दिन यह कुल मिलाकर 4.73 गुना सब्सक्राइब हुआ है। 500 करोड़ रुपये के ऑफर साइज वाले इस आईपीओ में रिटेल निवेशक और नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) जमकर दांव लगा रहे हैं। BSE के आंकड़ों के मुताबिक इस आईपीओ को अब तक 57,07,21,800 शेयरों के लिए बोलियां मिल गई हैं जबकि ऑफर पर 12,05,43477 शेयर हैं।
अलग-अलग कैटेगरी में कैसी रही प्रतिक्रिया
क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) - 0.04%
नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) - 8.25 गुना
रिटेल इन्वेस्टर्स - 13.75 गुना
(BSE, 12 जुलाई 2023, 2:00:00 PM)
ग्रे मार्केट में उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक मजबूत स्थिति में है। आज यह इश्यू 17 रुपये के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। इस हिसाब से कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग 42 रुपये के भाव पर हो सकती है। इस हिसाब से निवेशकों को लिस्टिंग पर 68 फीसदी का बंपर मुनाफा होने की संभावना है। बता दें कि इस बैंक के आईपीओ के लिए 23-25 रुपये का प्राइस बैंड तय हुआ है।
उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक के 500 करोड़ रुपये के आईपीओ के तहत सिर्फ नए शेयर जारी होंगे। सब्सक्रिप्शन के लिए यह इश्यू 12 जुलाई से 14 जुलाई तक खुला रहेगा। इसमें 23-25 रुपये के प्राइस बैंड और 600 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकेंगे। इश्यू का 75 फीसदी हिस्सा क्वालिफाईड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB), 15 फीसदी नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) और 10 फीसदी खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित है।
आईपीओ की सफलता के बाद शेयरों का अलॉटमेंट 19 जुलाई को फाइनल होगा और लिस्टिंग के लिए 24 जुलाई का दिन फिक्स किया गया है। आईपीओ के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल टियर-1 कैपिटल बेस बढ़ाने और इश्यू से जुड़े खर्चों को भरने में होगा। टियर-1 कैपिटल का इस्तेमाल आगे की पूंजी जरूरतों में होता है।
उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक 2016 में खुला था। वित्त वर्ष 2019 से वित्त वर्ष 2022 के बीच में 5 हजार करोड़ रुपये से अधिक एयूएम (एसेट अंडर मैनेजमेंट) वाले SFB (स्मॉल फाइनेंस बैंक) में सबसे अधिक एयूएम ग्रोथ वाले एसएफबी में यह दूसरे स्थान पर था। यह बैंक अकाउंट्स और डिपॉजिट्स, कार्ड्स, बीमा और निवेश, लोन जैसी सर्विसेज देता है। बैंक के वित्तीय सेहत की बात करें तो इसके शुद्ध मुनाफे में उतार-चढ़ाव रहा है।