Zepto IPO: क्विक-कॉमर्स कंपनी Zepto जून के पहले पखवाड़े में अपना आईपीओ सार्वजनिक रूप से दाखिल करने की तैयारी कर रही है। मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के मुताबिक, कंपनी इस इश्यू के जरिए 1 अरब डॉलर तक जुटा सकती है। अगर ऐसा होता है, तो यह इस साल भारत के सबसे बड़े आईपीओ में से एक होगा।
जुलाई में लॉन्च हो सकता है इश्यू
10 मिनट में डिलीवरी सेवा देने वाली Zepto अगले महीने निवेशकों के साथ रोडशो शुरू कर सकती है। सूत्रों का कहना है कि कंपनी जुलाई में आईपीओ लॉन्च करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। हालांकि अभी इस पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है और समयसीमा में बदलाव मुमकिन है।
नए और पुराने दोनों शेयर बिक सकते हैं
सूत्रों के मुताबिक, आईपीओ में नए शेयर जारी किए जा सकते हैं। इसके साथ ही मौजूदा निवेशक भी अपने कुछ शेयर बेच सकते हैं। कंपनी इस इश्यू से जुटाई गई राशि का इस्तेमाल कारोबार विस्तार के लिए कर सकती है। हालांकि आईपीओ का अंतिम आकार और संरचना अभी तय नहीं हुई है।
इस साल का दूसरा बड़ा आईपीओ
Zepto का आईपीओ इस साल भारत का दूसरा 1 अरब डॉलर या उससे बड़ा आईपीओ बन सकता है। इससे पहले SBI Funds Management भी बड़े आईपीओ की तैयारी कर रही है। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि ऐसे बड़े इश्यू घरेलू आईपीओ बाजार में नई रफ्तार ला सकते हैं।
क्यों सुस्त पड़ा है आईपीओ बाजार?
हाल के महीनों में आईपीओ बाजार की रफ्तार कुछ धीमी रही है। निवेशक ईरान युद्ध के संभावित आर्थिक असर का आकलन कर रहे हैं। इसके चलते कई बड़ी डील्स आगे नहीं बढ़ पाई हैं।
2026 में अब तक भारतीय कंपनियों ने आईपीओ के जरिए कुल करीब 3.5 अरब डॉलर जुटाए हैं। यह आंकड़ा पिछले दो वर्षों में देखे गए रिकॉर्ड स्तर से काफी कम है।
पिछली फंडिंग में 7 अरब डॉलर था वैल्यूएशन
अक्टूबर में हुए 45 करोड़ डॉलर के फंडिंग राउंड में Zepto का मूल्यांकन 7 अरब डॉलर लगाया गया था। कंपनी भारत के तेजी से बढ़ते क्विक-कॉमर्स बाजार में काम करती है। इसकी प्रतिस्पर्धा Amazon India, Swiggy, Zomato और टाटा ग्रुप की BigBasket जैसी कंपनियों से है।
किन बैंकों को मिली जिम्मेदारी?
आईपीओ प्रक्रिया के लिए Zepto ने Axis Capital, Motilal Oswal Investment Advisors, Morgan Stanley, HSBC और Goldman Sachs की भारतीय इकाइयों को नियुक्त किया है। ये संस्थान कंपनी को शेयर बिक्री और निवेशक प्रबंधन से जुड़े कामों में सलाह दे रहे हैं।
दाखिल कर चुकी है गोपनीय दस्तावेज
जेप्टो ने दिसंबर 2025 के आखिर में गोपनीय तरीके से आईपीओ के ड्राफ्ट दस्तावेज जमा किए थे। 10 मई 2026 को उसे नियामकीय टिप्पणियां भी मिल चुकी हैं। भारतीय नियमों के अनुसार, किसी भी कंपनी को आईपीओ लॉन्च करने से पहले अपना प्रॉस्पेक्टस कम से कम 21 दिनों तक सार्वजनिक रखना होता है।
Zepto के प्रवक्ताओं ने आईपीओ की तैयारियों पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। कंपनी ने अभी तक आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक इश्यू की योजना की पुष्टि नहीं की है।