निफ्टी के 16000 के शिखर को लांघनें के एक दिन बाद S&P BSE Sensex ने भी नया इतिहास बना दिया। इसने 54440 का नया हाई बनाते हुए इंट्राडे में 54000 का स्तर पार किया। सेंसेक्स को 53K से 54K पर पहुंचने में करीब 30 सेशन लगे। Sensex ने 22 जून को 53000 का स्तर छुआ था।
Axis Securities के नवीन कुलकर्णी ने कहा कि कल के कारोबार में निफ्टी ने 16000 का स्तर पार कर रिकॉर्ड हाई बनाया और आज सेंसेक्स ने भी बुल रन के आगे भी जारी रहने का संकेत देते हुए पहली बार 54 हजार का स्तर पार कर लिया। बाजार अहम तिमाही आंकड़ों में आ रहे सुधार का स्वागत करता नजर आ रहा है। मैन्यूफैक्चरिंग PMI,GST कलेक्शन और Google mobility जैसे आंकड़े महीने-दर-महीने आधार पर बढ़त दिखा रहे हैं।
बता दें कि 22 जून से अब तक सेसेंक्स में करीब 2 फीसदी की रैली देखने को मिली है जबकि बीएसई का मिडकैप इंडेक्स इसी अवधि में 4 फीसदी भागा है। वहीं बीएसई का स्म़ॉलकैप इंडेक्स 8 फीसदी से ज्यादा बढ़ा है।
AceEquity के आंकड़ों से पता चलता है कि 22 जून से अब तक 2 स्टॉक ऐसे रहे है जिन्होंने निवेशको की वेल्थ में दोगुनी बढ़ोतरी की है। यह है Brightcom Group और Steel Strips Wheels जबकि बीएसई के स्म़ॉलकैप इंडेक्स में शामिल 20 स्टॉक ऐसे रहे हैं जिनमें इस अवधि में 50 -100 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है।
ऐसे स्टॉक जिनमें 2 जून से अब तक 50 फीसदी से ज्यादा की बढ़त आई है। उनमें Welspun India, Titagarh Wagons, IIFL Securities, Angel Broking, Dolat Investment, Indo Count Industries, Tejas Networks और Ajmera Realty के नाम शामिल हैं।
बाजार के जानकारों का कहना कि स्मॉलकैप और मिडकैप की लॉन्ग टर्म स्टोरी अभी भी मजबूती बनी हुई है। लेकिन नियर टर्म में हमें कंसोलिडेशन देखने को मिल सकता है और इस कंसोलिडेशन में हमें क्वालिटी स्टॉक में दावं लगाने की रणनीति अपनानी चाहिए।
Hem Securities के मोहित निगम का कहना है कि मिड और स्मॉल कैप में आगे भी तेजी देखने को मिलेगी। वर्तमान में हम देख सकते हैं इस सेगमेंट में शामिल कंपनियां ग्रोथ ओरिएंटेड और टिकाऊ कारोबारी ढ़ाचे पर फोकस कर रही है जिसकी वजह से हमें स्मॉल और मिडकैप सेक्टर में तेजी आती दिख रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि लंबी अवधि के नजरिए से छोटे-मझोले शेयरों में व्यापक संभावनाएं है लेकिन नियर टर्म में इनमें करेक्शन देखने को मिल सकता है जो अच्छे शेयरों में खरीद का मौका होगा। उन्होंने आगे कहा कि इस तरह के खरीद के लिए मजबूत प्रबंधन, वित्तीय स्थिति और ग्रोथ संभावनाओं वाली कंपनियों पर नजर रखें।