भारत की 5 इलेक्ट्रिक व्हीकल और बैटरी मेकर कंपनियां एनलिस्ट के रेडार पर हैं। देश में प्रदूषण से निपटने को लिए ईवी पर सरकार के लगातार बढ़ रहे फोकस के चलते ये शेयर लाइम लाइट में हैं। इसके चलते इन शेयरों में तेजी भी देखने को मिल रही है। बैटरी बनाने वाली वे कंपनियां जो ऑटो सेक्टर से बाहर थीं,वो भी अब इस सेक्टर में आ रही हैं। आइए कंपनियों के ग्रोथ प्लान पर डालते हैं एक नजर।
अमारा राजा बैटरीज ने कहा है कि वह 5 से 7 साल में एक्सपैंशन प्लान पर 1 अरब डॉलर का निवेश करेगी। कंपनी ने कहै कि वह 10-12 GWh (gigawatt hours) क्षमता की लीथियम ऑयन बैटरी बनाने वाली इकाी लगाने में इस पैसे का इस्तेमाल करेगी। कंपनी सरकार की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI (Production Linked Incentives) स्कीम का भी फायदा उठाएगी। कंपनी तमिलनाडु में अपनी एक उत्पादन इकआई लगाने के लिए तमिलनाडु सरकार से बातचीत भी कर रही है।
जून तिमाही में कंपनी का मुनाफा करीब दोगुना होकर 1.2 अरब रुपए रुपए रहा था। इस अवधि में कंपनी के नेट प्रॉफिट मार्जिन भी 6.6% फीसदी के करीब रही थी। हालांकि पिछले 1 साल में कंपनी के शेयरों की ताल लगभग सपाट रही है। 2021 में इस शेयर में 18.3% की गिरावट देखने को मिली है।
जून तिमाही में कंपनी का कंसोलीडेटेड मुनाफा करीब 32 करोड़ रुपए रहा था। वहीं इसके पिछले साल की इसी अवधि में कंपनी को 14 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था। हालांकि पिछले 1 साल में कंपनी के शेयरों की ताल लगभग सपाट रही है। पिछले 1 साल में इस शेयर में 9.3% फीसदी की बढ़त देखने को मिली है। हालांकि 2021 में अब तक इस शेयर में 5.8% फीसदी की गिरावट देखने को मिली है।
Tata Group - Tata Power/Tata Chemicalsटाटा पावर ने MacroTech Developers (Lodha) के साथ एक भागीदारी करार किया है। इस करार के तहत कंपनी लोढ़ा के मुंबई और पुणे स्थित सभी रेसीडेंसियल और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स को end-to-end ईवी चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध करवाएगी।
इस बीच Tata Chemicals ने भी एक lithium-ion battery रिसाइकिलिंग इनीशिएटिव की शुरुआत की है। कंपनी का लक्ष्य 500 यूज्ड Li-ion batteries को रिसाइकिल करने का है। कंपनी के सबसे ताजे तिमाही में नतीजे काफी अच्छे रहे थे। इस अवधि में कंपनी के मुनाफे में कई गुने की बढ़त देखने को मिली थी। पिछले 1 साल में कंपनी के शेयरों में 200% फीसदी की बढ़त देखने को मिली है। वहीं, 2021 में अब तक ये शेयर 90% भागा है।
Hero MotoCorp ने कहा है कि वह मार्च 2022 में अपनी पहला बैटरी पर चलने वाला टू-व्हीलर लॉन्च करेगा। इसका विकास हीरो ने स्वतंत्र रुप से किया है। इसके सात ही कंपनी ताइवानी कंपनी Gogoro के साथ मिलकर भी ईवी पर काम कर रही है।
जून 2021 तिमाही में कंपनी के मुनाफे में सालाना आधार पर 498% की बढ़त देखने को मिली थी और ये 3.7 अरब रुपए रहा था। हालांकि पिछले 1 साल में कंपनी के शेयरों में 8.4% की गिरावट देखने को मिली है। वहीं, 2021 में अब तक ये शेयर 7% टूटा है।
मारुति ने भी Toyota के साथ मिलकर hybrid electric vehicles (HEV) विकसित करने का एलान किया है। Maruti Suzuki एक ऐसी हाईब्रिड इलेक्ट्रिक कार ((HEV) बना रही है जो चलने के दौरान खुद ही चार्ज हो जाएगी। इसके रोड साइड इंफ्रास्ट्रक्चर से चार्ज करने की जरूरत नहीं होगी। बता दें कि अलग से लगाई जाने वाली चार्जिंग फेसिलिटी देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल कल्चर के विकसित होने में सबसे बड़ी बाधा है।
बता दें की Tata Motors, Mahindra और Hyundai की तुलना में EVs में मारुति की गति दूसरी कंपनियों के तुलना में धीमी रही है। कंपनी अब दूसरी जापानी कंपनी Toyota के साथ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स पर काम कर रही है। Maruti Suzuki के राहुल भारती ने कहा है कि मारुति सुजुकी Toyota के साथ मिलकर एक सेल्फ चार्जिंग हाईब्रिड कार बना रही है। उन्होंने आगे कहा कि हम Toyota के साथ कुछ electric vehicles पर अगले महीने से ज्वाइंट टेस्टिंग कर रहे हैं।
कंपनी के प्रदर्शन पर नजर डालें तो जून 2021 तिमाही में कंपनी को 4.4 अरब रुपए का मुनाफा हुआ था। जबकि इसके पिछले साल की इसी अवधि में कंपनी को 2.5 अरब रुपए के घाटा हुआ था। 1 साल में इस शेयर में सिर्फ 9.5% फीसदी की तेजी आई है। जबकि BSE Sensex इसी अवधि में 56% भागा है।
Electric vehicles इस समय बाजार की गर्मारगम स्टोरी में से एक हैं। इस स्पेस में अच्छे पैसे बन सकते हैं। इसके लिए आपको best EV stocks का चुनाव करना होगा।