केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी नेशनल मॉनेटाइजेशन पाइपलाइन (NMP) स्कीम का उद्देश्य 2024-25 तक 6 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एसेट्स को मॉनेटाइज करना है। एनालिस्ट्स का कहना है कि इससे इकोनॉमी के साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कुछ सेक्टर्स को भी फायदा होगा।
एविएशन, रेलवे, रोड्स, टेलीकॉम और पावर ट्रांसमिशन सहित विभिन्न सेक्टर्स के एसेट्स को इस लीजिंग के जरिए मॉनेटाइज किया जाएग।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि इससे मिलने वाले फंड का इस्तेमाल नए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में इनवेस्टमेंट के लिए होगा।
नीति आयोग के CEO अमिताभ कांत ने बताया, "मॉनेटाइजेशन की योजना में 25 एयरपोर्ट और मौजूदा एयरपोर्ट्स में सरकार की हिस्सेदारी, रेलवे के 15 स्टेडियम और 160 कोल माइनिंग प्रोजेक्ट्स को शामिल किया जाएगा।"
कोटक सिक्योरिटीज के एग्जिक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट, श्रीकांत चौहान ने कहा कि इस योजना से कई सेक्टर्स को फायदा होगा। हालांकि, इसके लिए सरकार को कुछ बड़े मुद्दों का हल निकालने की जरूरत है।
इस योजना से पावर जेनरेशन कंपनियों और रोड इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों को सबसे अधिक फायदा मिलेगा।
रेलिगेयर ब्रोकिंग के वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च), अजीत मिश्रा का मानना है कि इस योजना से इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार होगा और प्राइवेट सेक्टर का इनवेस्टमेंट बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि इससे पावर ग्रिड, NHPC, NLC, GAIL और IOC जैसी सरकारी कंपनियों के लिए संभावनाएं बढ़ सकती हैं।
यह योजना एयरपोर्ट्स, रेलवे और पोर्ट्स जैसे सेक्टर्स में इनवेस्टमेंट को आकर्षक बना सकती है।