उम्मीद के अनुसार रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (Reserve Bank of India -RBI) ने रेपो रेट में बिना किसी बदलाव के इसको 4 फीसदी पर कायम रखा है। आज हुई RBI MPC की मीटिंग में RBI ने रूख भी बिना किसी बदलाव के accommodative बरकरार रखा है। रिवर्स रेपो रेट भी 3.35 फीसदी पर रखा गया है। इसमें भी कोई बदलाव नहीं हुआ है। इसी तरह MSF और बैंक रेट भी 4.25 फीसदी पर ही बनाए रखे गए हैं।
सेंट्रल बैंक ने पिछली बार 22 मई को अपनी पॉलिसी रेट में बदलाव किया था। यह बदलाव कोरोना महामारी के चलते इकोनॉमी को पड़ी भारी चोट को ध्यान में रखकर किया गया था। सेंट्रल बैंक ने फरवरी 2020 से अब तक अपनी नीति दरों में 1.15 फीसदी की कटौती की है।
RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि MPC ने सर्वसम्मति से पॉलिसी रेट में कोई बदलाव न करने का निर्णय लिया है। उन्होंने आगे ये भी कहा है कि जब तक जरूरत होगी तब तक RBI का एकोमोडेटिव रूख कायम रहेगा, क्योंकि इस समय की सबसे बड़ी जरूरत इकोनॉमी और ग्रोथ को सपोर्ट दिया जाना है। उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान में मंहगाई की दर 6 फीसदी के टॉलरेंस लेबल से नीचे है। ग्रोथ को लेकर संभावनाओं में भी काफी सुधार आया है। MPC की राय थी कि ग्रोथ को बढ़ावा देने की कोशिशें जारी रहनी चाहिए। इकोनॉमी में रिकवरी के मजबूत संकेत दिखाई दे रहे हैं। इसके साथ ही सामान्य स्थितियों में लौटते सेक्टरों की सूची में भी इजाफा हो रहा है।
RBI MPC की कुछ अहम बातें
महंगाई में स्थिरता - RBI ने कहा है कि लागत में बढ़ोतरी का असर कोर इन्फ्लेशन पर देखने को मिल रहा है। सब्जियों की कीमतों में गिरावट और फेवरेबल बेस की वजह से रिटेल महंगाई 6 फीसदी के नीचे आ गई है। वित्त वर्ष 2022 की पहली छमाही के लिए रिटेल महंगाई के अनुमान को 4.6 से 5.2 फीसदी के पहले के अनुमान से संशोधित करके 5 से 5.2 फीसदी कर दिया गया है। बता दें कि इसके पहले भी RBI ने वित्त वर्ष 2021 की चौथी तिमाही के लिए महंगाई के अनुमान को 5.8 फीसदी से संशोधित करके 5.2 फीसदी कर दिय था।
ग्रोथ आउटलुक पॉजिटिव
RBI का कहना है कि टीकाकरण अभियान के शुरुआत के साथ ही इकोनॉमिक ग्रोथ के गति पकड़ने की संभावना है। RBI गर्वनर ने अपने बयान में कहा कि टीकाकरण शुरू होने के साथ ही 2021 की शुरुआत पॉजिटिव नोट के साथ हुई है। पिछली MPC की बैठक के बाद से इकोनॉमी में मजबूती के संकेत साफ दिखाई दे रहे हैं। RBI ने इस बात पर जोर दिया कि कंडज्यूमर्स का कॉन्फिडेंस वापस लौट रहा है और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की कारोबारी गतिविधियां और उम्मीदें जोर पकड़ रही हैं।
इसके अलावा हाल के महीनों में FDI और FPI में भी जोरदार बढ़ोतरी देखने को मिली है। जो भारतीय इकोनॉमी में मजबूती और सुधार को लेकर उनके विश्वास को व्यक्त करता है। इसके अलावा नॉन फूड बैंक क्रेडिट और बॉन्डों की बिक्री में भी तेजी आती दिक रही है। RBI को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2022 की GDP ग्रोथ 10.5 फीसदी पर रहेगी।
NBFC के लिए TLTRO उपलब्ध - RBI गवर्नर ने कहा कि बैंकों से TLTRO ((targeted long-term repo operations) स्कीम के जरिए अब NBFCs को फंड उपलब्ध है।
CRR normalisation पर RBI ने कहा है कि CRR को दो चरणों में नॉर्मलाइज करने का निर्णय लिया गया है। इसे 27 मार्च को 3.5 फीसदी पर और फिर 22 मई 2021 को 4 फीसदी पर लाया जाएगा। CRR normalisation से RBI को तमाम तरह के मार्केट ऑपरेशन और इकोनॉमी में लिक्विडिटी बढ़ाने में सहायता मिलेगी।
MSF सुविधा का विस्तार - RBI ने कहा है कि बैंकों को उनकी लिक्विडी जरूरतें पूरी करने के लिए उपबल्ध कराई जा रही है मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF) को 30 सितंबर 2021 तक विस्तार दे दिया गया है।
Integrated Ombudsman स्कीम - ओमबुड्समैन (बैंकिंग लोकपाल) मैकेनिज्म को आसान और ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए RBI वन नेशन वन ओमबुड्समैन (one nation one ombudsman) नीति के तहत शिकायत निवारण की एक केंद्रीय व्यवस्था का प्रावधान करेगी।
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