उन्नाव की बहादुर बेटी, रेप पीड़िता की कल देर रात दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मौत हो गई। कल रात साढे आठ बजे से ही लड़की की हालत बिगड़ने लगी और हार्ट अटैक आने से रात 11 बजकर 40 मिनट पर उसने आखिरी सांस ली। पीड़िता को आरोपियों ने उस वक्त जला दिया था जब वो रायबरेली जा रही थी। लड़की बुरी तरह से जली हुई करीब एक किलोमीटर तक इधर उधर दौड़ती रही। उसके बाद पुलिस को खबर गई। लड़की ने किसी से मोबाइल मांग कर पुलिस को खबर दी। इसके बाद पुलिस आई और उसे इलाज के लिए लखनऊ ले गई। लेकिन वो 90 फीसदी तक जल चुकी थी। इसके बाद उसे तुरत दिल्ली लाया गया। लेकिन हालत बेहद नाजुक होने की वजह से तमाम कोशिशों के बाद भी उसे बचाया नहीं जा सका। आरोप है कि पिछले साल दिसंबर में लड़की के साथ बलात्कार किया। आरोपी गिरफ्तार भी हुए लेकिन फिर वो जमानत पर रिहा हो गए। लेकिन अभी सभी आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने इस केस पर केंद्र और राज्य सरकार से कड़ा एक्शन लेने की अपील की है। इधर निर्भया की मां ने इस घटना को सरकार, सिस्टम और खुद की हार बताया है।
उन्नाव रेप पीड़िता का दिल्ली के अस्पताल में मौत के बाद सियासत भी तेज हो गई है। दिल्ली से लखनऊ और उन्नाव तक सियासी हलचल है। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी पीड़िता के परिवार से मिलने उन्नाव पहुंचीं। मुलाकात के बाद प्रियंका गांधी ने कहा कि एक साल से पीड़िता के परिवार को प्रताड़ित किया जा रहा था। उन्होंने योगी सरकार पर भी निशान साधा और कहा कि उन्नाव की घटना से ये लगता है कि यूपी में महिलाओं के लिए जगह नहीं है।
इधर लखनऊ में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर विरोध प्रदर्शन करने उतरे। BJP दफ्तर के सामने प्रदर्शन पर उतरे कार्यकर्ताओं को हटाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया।
वहीं लखनऊ में पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव भी धरना पर बैठ गए हैं। उन्होंने राज्य की बीजेपी सरकार को घेरते हुए कहा कि बेटियों के साथ हो रहे अन्याय के राज्य सरकार जिम्मेदार है। उन्होंने ये भी कहा कि मौजूदा BJP सरकार के राज में यह पहली घटना नहीं है।