Acetech E-Commerce IPO Listing: ईरान और अमेरिका के बीच छिड़ी जंग ने दुनिया भर के स्टॉक मार्केट में हाहाकार मचा दिया है। इस हाहाकार के बीच ऐसटेक ई-कॉमर्स के शेयरों की आज NSE SME पर फ्लैट एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल 1.14 गुना बोली मिली थी। इसके आईपीओ के तहत ₹112 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज NSE SME पर इसकी ₹112.00 पर ही एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला। हालांकि लिस्टिंग के बाद शेयर थोड़ा ऊपर चढ़े। उछलकर यह ₹117.80 (Acetech E-Commerce Share Price) के अपर सर्किट पर पहुंच गया और इसी पर बंद भी हुआ यानी कि पहले कारोबारी दिन की समाप्ति पर आईपीओ निवेशक 5.00% मुनाफे में हैं।
Acetech E-Commerce IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च
ऐसटेक ई-कॉमर्स का ₹49 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 27 फरवरी से 4 मार्च तक खुला था। यह आईपीओ ओवरऑल 1.14 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 1.00 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 1.57 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 1.16 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 43,70,400 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹1.70 करोड़ मार्केटिंग और ऐड, ₹7.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे अधिग्रहण और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।
Acetech E-Commerce के बारे में
वर्ष 2014 में बनी ऐसटेक ई-कॉमर्स डोरशिपिंग, टेलीशॉपिंग और क्रॉस-बॉर्डर सेलिंग जैसी ई-कॉमर्स एक्टिविटीज में शामिल है। इसका फोकस हाई-डिमांड वाले प्रोडक्ट्स को जुटाकर इसकी देश-विदेश में बिक्री करनी है। विदेशों में इसका कारोबार सब्सिडरीज- कॉन्सेप्टिव ब्रेन्स प्राइवेट लिमिटेड (इंडिया) और ऐसटेक वेंचर्स इंक (यूएसए) के जरिए फैला हुआ है।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹1.52 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2024 में उछलकर ₹4.02 करोड़ और फिर वित्त वर्ष 2025 में ₹6.88 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम भी सालाना 15% से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹70.41 करोड़ पर पहुंच गई। चालू वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो पहली छमाही अप्रैल-सितंबर 2025 में कंपनी को ₹5.74 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹40.44 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हो चुका है। सितंबर 2025 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹43 लाख का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹10.11 करोड़ पड़े थे।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।