बॉनब्लॉक टेक्नोलोजिज, ईस्टमैन ऑटो एंड पावर और माइलस्टोन गियर्स अपना IPO ला रही हैं। इसके लिए इन्हें सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) से मंजूरी मिल गई है। ईस्टमैन ऑटो एंड पावर ने कॉन्फिडेंशियल रूट से ड्राफ्ट डॉक्युमेंट जमा किया था। 6 मार्च को पब्लिश हुए ड्राफ्ट ऑफर डॉक्युमेंट्स के प्रोसेसिंग स्टेटस के अनुसार, SEBI ने 5 मार्च को ईस्टमैन ऑटो एंड पावर और बॉनब्लॉक टेक्नोलोजिज के ड्राफ्ट पेपर्स पर ऑब्जर्वेशन जारी किए। इसके बाद 6 मार्च को माइलस्टोन गियर्स पर ऑब्जर्वेशन जारी किए।
SEBI की भाषा में IPO पेपर्स पर ऑब्जर्वेशन जारी करने से कंपनी अगले एक साल के अंदर अपना IPO लॉन्च कर सकती है। इस बीच, जो कंपनी SEBI और स्टॉक एक्सचेंज के पास कॉन्फिडेंशियल रूट से ड्राफ्ट पेपर्स फाइल करती है, उसे IPO लाने के लिए 18 महीने का समय मिलता है। ऐसा इसलिए क्योंकि SEBI के पास अपडेटेड DRHP जमा करना होता है, उसके बाद रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के पास RHP जमा करना होता है।
एनर्जी-ट्रांजिशन और पावर-इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी ईस्टमैन ऑटो एंड पावर ने दिसंबर 2025 में SEBI के पास कॉन्फिडेंशियल तरीके से अपने IPO पेपर्स फाइल किए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी पब्लिक इश्यू के जरिए लगभग 1,800-2,000 करोड़ रुपये जुटा सकती है। IPO में नए शेयरों के साथ-साथ ऑफर-फॉर-सेल भी रह सकता है।
हेनरी-बेस्ड टेक्नोलॉजी सर्विसेज और सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस प्रोवाइडर बॉनब्लॉक टेक्नोलोजिज ने सितंबर 2025 में अपना IPO डॉक्युमेंट फाइल किया था। IPO में 230 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी होंगे। साथ ही प्रमोटर बॉनब्लॉक इंक की ओर से 3 करोड़ शेयरों का ऑफर-फॉर-सेल रहेगा। बॉनब्लॉक AI-पावर्ड SaaS सॉल्यूशन और इंटरनेट ऑफ थिंग्स प्रोडक्ट बनाती है। बॉनब्लॉक टेक्नोलोजिज के इश्यू में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों में से 136 करोड़ रुपये प्रोडक्ट और प्लेटफॉर्म के डेवलपमेंट के लिए खर्च किए जाएंगे। 12.9 करोड़ रुपये लैपटॉप खरीदने के लिए खर्च करने का प्रस्ताव है। बाकी फंड का इस्तेमाल अनजान एक्विजिशन के जरिए इनऑर्गेनिक ग्रोथ और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
हरियाणा की माइलस्टोन गियर्स ट्रैक्टर, कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट, इलेक्ट्रिक व्हीकल और हेवी इंडस्ट्री के लिए ट्रांसमिशन कंपोनेंट बनाती है। इस कंपनी ने नवंबर 2025 में IPO पेपर फाइल किए थे। IPO से 1,100 करोड़ रुपये तक जुटाने का प्लान है। IPO में 800 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी किए जाने और प्रमोटर समेत मौजूदा शेयरहोल्डर्स की ओर से 300 करोड़ रुपये तक के शेयरों का ऑफर-फॉर-सेल रहने का प्रस्ताव है। कंपनी प्री-IPO राउंड में 160 करोड़ रुपये तक जुटाने पर विचार कर सकती है। ऐसा हुआ तो नए शेयरों के इश्यू का साइज घट जाएगा।
माइलस्टोन गियर्स नए शेयरों को जारी कर हासिल हुए पैसों में से 356.8 करोड़ रुपये का इस्तेमाल बकाया कर्ज कम करने के लिए करेगी। 296.4 करोड़ रुपये का इस्तेमाल सोलन में एक नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी बनाने के लिए और बाकी फंड का इस्तेमाल आम कॉर्पोरेट कामों के लिए किया जाएगा।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।