गुरुग्राम की पारस हेल्थकेयर ने एक बार फिर IPO लाने की योजना बनाई है। कंपनी इसके जरिए 1,800 करोड़ रुपये तक जुटाना चाहती है। इसके लिए कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस फिर से फाइल किया जा चुका है। कंपनी पारस हेल्थ ब्रांड के तहत हॉस्पिटल चेन चलाती है। इससे पहले कंपनी ने जुलाई 2024 में IPO पेपर जमा किए थे। उस वक्त पब्लिक इश्यू में 400 करोड़ रुपये तक के नए शेयर जारी करना और प्रमोटर व इनवेस्टर्स की ओर से 1.49 करोड़ शेयरों को ऑफर-फॉर-सेल (OFS) के तहत बिक्री के लिए रखा जाना शामिल था।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, उस वक्त IPO का साइज लगभग 1,000 करोड़ रुपये था। SEBI ने अक्टूबर 2024 में IPO पेपर को मंजूरी दी थी। इश्यू लाने के लिए समय-सीमा अक्टूबर 2025 तक थी, लेकिन कंपनी इस दौरान IPO नहीं ला सकी। लिहाजा अब एक बार फिर IPO पेपर जमा किए गए हैं।
इस बार IPO पेपर में क्या डिटेल
4 जून 2026 को फाइल किए गए नए प्रॉस्पेक्टस के अनुसार, पारस हेल्थकेयर अपने पब्लिक इश्यू में नए शेयर जारी करके 500 करोड़ रुपये तक जुटाना चाहती है। प्रमोटर्स और इनवेस्टर्स की ओर से OFS के तहत 1,300 करोड़ रुपये के शेयर बिक्री के लिए रखे जाएंगे। कंपनी के प्रमोटर धर्मिंदर कुमार नागर OFS के जरिए 300 करोड़ रुपये तक के शेयर बेचेंगे, जबकि इनवेस्टर कॉमेलिना (Commelina) 800 करोड़ रुपये के शेयर बेचेगी। बाकी 200 करोड़ रुपये के शेयर इनवेस्टर 360 ONE की ओर से रहेंगे।
पारस हेल्थकेयर प्री-IPO राउंड में यानि कि रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के पास रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस फाइल करने से पहले 100 करोड़ रुपये तक जुटाने पर विचार कर सकती है। ऐसा हुआ तो IPO में नए शेयरों के इश्यू का साइज घट जाएगा। कंपनी में प्रमोटर धर्मिंदर के पास 72.8 प्रतिशत हिस्सेदारी है। कॉमेलिना के पास 16.44 प्रतिशत हिस्सेदारी और 360 ONE स्पेशल अपॉर्चुनिटीज फंड- सीरीज 12 और 13 के पास 6.37 प्रतिशत हिस्सेदारी है। एक्सिस न्यू अपॉर्चुनिटीज AIF- सीरीज II के पास 3.63 प्रतिशत शेयर हैं।
Paras Healthcare के अभी 8 अस्पताल
पारस हेल्थकेयर उत्तर भारत, बिहार और झारखंड में 8 अस्पतालों के जरिए टर्शियरी और क्वाटरनरी हेल्थकेयर सर्विसेज देती है। इन अस्पतालों में कुल 2,211 बेड की क्षमता है। टर्शियरी हेल्थकेयर वह स्तर है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों और एडवांस्ड मेडिकल सर्विसेज की जरूरत होती है। जैसे कि हार्ट बायपास सर्जरी, कैंसर का इलाज, न्यूरोसर्जरी (दिमाग की सर्जरी), किडनी ट्रांसप्लांट आदि। क्वाटरनरी हेल्थकेयर, टर्शियरी से भी अधिक एडवांस्ड और अत्यधिक विशिष्ट मेडिकल सर्विस होती है। जैसे कि मल्टी ऑर्गन ट्रांसप्लांट, रोबोटिक सर्जरी, दुर्लभ बीमारियों का विशेष इलाज आदि।
नेटवर्क के विस्तार के तहत पारस हेल्थकेयर ने गुरुग्राम में 300 और लुधियाना में 500 बेड की क्षमता जोड़ने की योजना बनाई है। कंपनी को उम्मीद है कि मार्च 2028 तक उसके अस्पतालों में कुल बेड क्षमता बढ़कर 3,011 हो जाएगी।
IPO के पैसों का कैसे होगा इस्तेमाल
कंपनी ने IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों में से 375 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए करने की योजना बनाई है। बाकी रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉर्पोरेट कामों के लिए किया जाएगा। कंपनी पर मार्च 2026 तक कुल बकाया फंड-बेस्ड कर्ज कंसोलिडेटेड बेसिस पर 854.1 करोड़ रुपये और स्टैंडअलोन बेसिस पर 741.1 करोड़ रुपये था। IPO को मैनेज करने के लिए JM फाइनेंशियल, BofA सिक्योरिटीज इंडिया और नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट को मर्चेंट बैंकर के तौर पर नियुक्त किया गया है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।