Acme Universal IPO Listing: अलग-अलग इंडस्ट्रीज की जरूरतों के हिसाब से सुरक्षित जूते बनाने वाली एक्मे यूनिवर्सल सेफजोन 9 के शेयरों की आज BSE SME पर धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 23 गुना से अधिक बोली मिली थी। इसके आईपीओ के तहत ₹71 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹101.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 42.25% का लिस्टिंग गेन (Acme Universal Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर यह ₹106.05 (Acme Universal Share Price) के अपर सर्किट पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक 49.37% मुनाफे में हैं। चूंकि लॉट साइज 1600 शेयरों का था तो हर लॉट पर आईपीओ निवेशक ₹56,080 के फायदे में हैं।
Acme Universal IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च
एक्मे यूनिवर्सल सेफजोन 9 का ₹36 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 28-30 सितंबर तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 23.41 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 31.29 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 31.98 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 15.23 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 50,60,800 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹3.62 करोड़ सोलर पावर प्लांट लगाने, ₹8.96 करोड़ एडीशनल मशीनरी के इंस्टॉलेशन, ₹8.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल की बढ़ी हुई जरूरतों और बाकी पैसे इनऑर्गेनिक ग्रोथ और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।
Acme Universal के बारे में
एक्मे यूनिवर्सल सेफजोन 9 इंडस्ट्रियल सेफ्टी शूज बनाती है, जिसका इस्तेमाल कंस्ट्रक्शन, ऑयल एंड गैस, माइनिंग, हैवी इंजीनियरिंग, ऑटोमोटिव, फार्मा, केमिकल प्रोसेसिंग, फाउंड्री और पावर जेनेरेशन सेगमेंट में होता है। कंपनी मुख्य रूप से 15 प्रोडक्ट लाइन बेचती है, जिसमें मुख्य रूप से तीन तरह के सोल मैटेरियल्स- ईवीए रबर, नाइट्राइल रबर और पीवीसी का इस्तेमाल होता है। यूपी और एमपी में इसकी चार मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज हैं। यह मुख्य रूप से दो टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करती है- एक तो प्रोडक्ट डिजाइन और विजुअलाइजेशन के लिए ICad3D और दूसरा ईआरपी सिस्टम के तौर पर SAP S/4HANA। इसके प्रोडक्ट्स की बिक्री सिर्फ भारत में ही नहीं होती है बल्कि यूएई, बहरीन, सऊदी अरब, नाइजीरिया, इजरायल, नीदरलैंड्स, हॉन्ग कॉन्ग, कैमरून और मॉरीशस को भी निर्यात होता है।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2024 में इसे ₹7.56 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2025 में घटकर ₹80 लाख ही रह गया लेकिन फिर अगले ही वित्त वर्ष 2026 में यह बढ़कर ₹5.86 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि कंपनी की टोटल इनकम इस दौरान लगातार बढ़ी और सालाना करीब 8% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹211.16 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹58.05 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹38.74 करोड़ पड़े थे।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।