Shah Investor's Home IPO Listing: 38 गुना भरा आईपीओ, अब 2% प्रीमियम पर लिस्ट ₹167 का शेयर

Shah Investor's Home IPO Listing: शाह इंवेस्टर्स होम एक रिटेल ब्रोकिंग कंपनी है। अब आईपीओ को 38 गुना से अधिक बोली मिलने के बाद इसके शेयर लिस्ट हुए हैं। इसके आईपीओ के तहत सिर्फ नए शेयर जारी हुए हैं। नई खरीदारी से पहले चेक करें कंपनी की कारोबारी सेहत कैसी है और आईपीओ के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी कैसे करेगी

अपडेटेड Oct 06, 2026 पर 4:14 PM
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Shah Investor's Home IPO Listing: शाह इंवेस्टर्स होम का ₹90 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 28-30 सितंबर तक खुला था। आज इसके शेयरों की लिस्टिंग हुई है। (File Photo- Pexels)

Shah Investor's Home IPO Listing: रिटेल ब्रोकिंग कंपनी शाह इंवेस्टर्स के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में प्रीमियम एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल 38 गुना से अधिक बोली मिली थी। इसके आईपीओ के तहत ₹167 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹171.00 और NSE पर ₹171.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 11% का लिस्टिंग गेन (Shah Investor's Home Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े।

उछलकर BSE पर यह ₹179.55 तक पहुंचा। ऊपरी स्तर पर मुनाफावसूली से भाव थोड़े नरम पड़े। दिन के आखिरी में यह ₹173.75 (Shah Investor's Home Share Price) पर बंद हुआ यानी कि पहले कारोबारी दिन की समाप्ति पर आईपीओ निवेशक 4.04% मुनाफे में हैं।

Shah Investor's Home IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च


शाह इंवेस्टर्स होम का ₹90 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 28-30 सितंबर तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 38.12 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 28.05 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 95.54 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 19.26 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 53,99,200 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹60.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों, ₹18.56 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹11.61 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

Shah Investor's Home के बारे में

शाह इंवेस्टर्स होम एक रिटेल ब्रोकिंग कंपनी है, जो कई प्रकार के फाइनेंशियल सर्विसेज मुहैया कराती है। मुख्य रूप से इक्विटी और डेरिवेटिव्स ब्रोकरेज सर्विसेज ऑफर करती है। इसके अलावा यह 'शाह इंवेस्टर्स' ब्रांड नाम के तहत म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूशन, मार्जिन फंडिंग, और SLB (स्टॉक लेंडिंग एंड बॉरोइंग) सर्विसेज ऑफर करती है।

इसने साल 1995 में इसने एनएसई के ट्रेडिंग मेंबर के तौर पर काम शुरू किया था और फिर 1997 में एनएसडीएल के साथ डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट के तौर पर रजिस्टर करा लिया। अब महाराष्ट्र और गुजरात में इसकी 11 ब्रांचेज हैं।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2024 में इसे ₹18.05 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2025 में बढ़कर ₹23.42 करोड़ पर पहुंचा लेकिन फिर अगले ही वित्त वर्ष 2026 में घटकर ₹13.11 करोड़ रह गया। टोटल इनकम भी वित्त वर्ष 2024 में ₹79.05 करोड़ और वित्त वर्ष 2025 में ₹94.47 करोड़ से घटकर वित्त वर्ष 2026 में ₹72.40 करोड़ रह गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹18.47 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹163.95 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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