गौतम अदाणी पर 25 करोड़ डॉलर की रिश्वत देने के आरोप का असर अदाणी ग्रुप के शेयरों के साथ-साथ बैंकिंग और अन्य कंपनियों के स्टॉक्स पर भी पड़ा है। इन आरोपों की वजह से इक्विटी, बॉन्ड और संबंधित सिक्योरिटीज में जोरदार गिरावट हुई और इसका असर मार्केट सेंटीमेंट पर भी दिखा। अदाणी एंटरप्राइजेज (Adani Enterprises), अदाणी ग्रीन एनर्जी (Adani Green Energy) और अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस (Adani Energy Solutions) के शेयर 21 नवंबर को 25 पर्सेंट तक गिर गए। हालांकि, बाद में इसमें थोड़ी रिकवरी देखने को मिली।
अदाणी ग्रुप के मार्केट कैपिटल में एक दिन में 2.2 लाख करोड़ रुपये की गिरावट रही और अदाणी पोर्ट्स, अदाणी टोटल गैल और अंबुजा सीमेंट्स जैसी फर्मों को भी नुकसान का सामना करना पड़ा। कंस्ट्रक्शन कंपनी पीएसपी प्रोजेक्ट्स (PSP Projects) के स्टॉक में भी तकरीबन 9 पर्सेंट की गिरावट रही। कंपनी ने हाल में ऐलान किया है कि अदाणी इंफ्रास्ट्रक्चर (Adani Infrastructure) इस कंपनी में 30.37 पर्सेंट हिस्सेदारी खरीदेगी।
अदाणी पर लगे आरोपों का असर बैंकिंग शेयरों पर भी दिखा, खास तौर पर अदाणी ग्रुप की फर्मों को कर्ज देने वाले बैंक इससे प्रभावित नजर आए। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB), पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के शेयर 7 पर्सेंट तक गिर गए। निफ्टी बैंक और निफ्टी पीएसयू बैंक सूचकांक में 1 से 3 पर्सेंट की गिरावट रही, जबकि प्राइवेट बैंकों के शेयरों की परफॉर्मेंस गिरावट के बावजूद अपेक्षाकृत बेहतर रही।
इस आरोप का असर भारतीय सिक्योरिटीज से परे भी देखने को मिला। अदाणी के डॉलर वाले बॉन्ड में भी गिरावट रही। अदाणी ग्रीन एनर्जी की तरफ से मार्च में जारी नोट में रिकॉर्ड 15 सेंट की गिरावट रही, जबकि 2030 में मैच्योर होने वाला अदाणी इलेक्ट्रिसिटी मुंबई बॉन्ड 8.6 पर्सेंट गिर गया। रेटिंग एजेंसी मूडीज ने रिश्वतखोरी के आरोपों को 'क्रेडिट नेगेटिव' बताते हुए ग्रुप में गवर्नेंस को लेकर चिंता जताई है।
अदाणी ग्रीन एनर्जी ने मौजूदा कानूनी मुश्किलों का हवाला देते हुए 60 करोड़ डॉलर का बॉन्ड जारी करने का प्रस्ताव रद्द कर दिया था। बॉन्ड जारी करने के प्रस्ताव को रद्द करने का फैसला अदाणी ग्रुप की डेट मैनेजमेंट स्ट्रैटेजी के बीच आया है। ग्रुप की योजना 2025 के शुरू तक 1.5 अरब का डॉलर बॉन्ड भी जारी करने की थी।