Get App

अदाणी और GMR के लिए खुल सकता है एयरलाइन कारोबार का रास्ता, सरकार नियम बदलने पर कर रही विचार

सरकार दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट ऑपरेटरों को एयरलाइन में 10% से ज्यादा हिस्सेदारी रखने की छूट देने पर विचार कर रही है। नियम बदला तो अदाणी और GMR के एयरलाइन कारोबार में उतरने का रास्ता साफ हो सकता है। सरकार का लक्ष्य IndiGo और Air India के दबदबे को कम करना है।

Curated By: Suneel Kumarअपडेटेड Sep 22, 2026 पर 8:22 PM
अदाणी और GMR के लिए खुल सकता है एयरलाइन कारोबार का रास्ता, सरकार नियम बदलने पर कर रही विचार
एविएशन मिनिस्टर राममोहन नायडू का कहना है कि भारत को कम से कम पांच एयरलाइंस की जरूरत है।

भारत सरकार दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट के ऑपरेटरों के लिए एयरलाइन कंपनियों में हिस्सेदारी से जुड़े नियमों में बदलाव पर विचार कर रही है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, अभी ये ऑपरेटर किसी एयरलाइन में 10% से ज्यादा हिस्सेदारी नहीं रख सकते। एविएशन मिनिस्टर के. राममोहन नायडू ने कहा कि सरकार इस पाबंदी को हटाने के प्रस्ताव पर चर्चा कर रही है।

इस कदम का मकसद देश के एविएशन मार्केट में IndiGo और Air India के दबदबे को कम करना है। दोनों एयरलाइंस मिलकर देश के करीब 90% घरेलू यात्रियों को संभालती हैं। भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा एविएशन मार्केट है।

दिल्ली और मुंबई में अलग है नियम

बेंगलुरु जैसे एयरपोर्ट के लिए अपनी एयरलाइन शुरू करने पर ऐसी रोक नहीं है। लेकिन दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट के ऑपरेशन और मैनेजमेंट एग्रीमेंट में ऐसी शर्त है, जो इनके ऑपरेटरों को किसी एयरलाइन पर नियंत्रण रखने से रोकती है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें