Adani Group के शेयरों में 10% तक की दमदार रैली, सभी शेयर हरे निशान पर, क्या है वजह?

Adani Enterprises के शेयर में आज 3.88 फीसदी की तेजी के साथ 2617 रुपये के भाव पर ट्रेड कर रहे हैं। कंपनी ने शुक्रवार को कहा कि उसने भारतीय ग्रुप द्वारा उत्पादित ग्रीन अमोनिया और ग्रीन हाइड्रोजन के मार्केटिंग के लिए जापानी ट्रेडिंग हाउस कोवा ग्रुप (Kowa Group) के साथ एक ज्वाइंट वेंचर बनाया है

अपडेटेड Sep 11, 2023 पर 2:58 PM
अदाणी ग्रुप की कंपनियों के शेयर आज 11 सितंबर को फोकस में हैं।

Adani Group : अदाणी ग्रुप की कंपनियों के शेयर आज 11 सितंबर को फोकस में हैं। ग्रुप के सभी शेयर आज हरे निशान पर ट्रेड कर रहे हैं और इंट्राडे में इन शेयरों में 10 फीसदी तक की दमदार रैली देखी गई। सबसे ज्यादा तेजी अदाणी पावर, अदाणी पोर्ट्स और NDTV के शेयरों में आई है। इनमें 7 से 10 फीसदी तक का उछाल है। इसके अलावा, अदाणी एंटरप्राइजेज, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस, अदाणी टोटल गैस, अदाणी विल्मर, अंबुजा सीमेंट्स और एसीसी के शेयरों में 2 फीसदी से 4 फीसदी तक की बढ़त देखने को मिल रही है।

Adani Enterprises

अदाणी एंटरप्राइजेज के शेयर में आज 3.88 फीसदी की तेजी के साथ 2617 रुपये के भाव पर ट्रेड कर रहे हैं। कंपनी ने शुक्रवार को कहा कि उसने भारतीय ग्रुप द्वारा उत्पादित ग्रीन अमोनिया और ग्रीन हाइड्रोजन के मार्केटिंग के लिए जापानी ट्रेडिंग हाउस कोवा ग्रुप (Kowa Group) के साथ एक ज्वाइंट वेंचर बनाया है। ज्वाइंट वेंचर में अदाणी और कोवा की 50-50 फीसदी हिस्सेदारी होगी।


Adani Power

अदाणी पावर के शेयर 8 फीसदी की तेजी के साथ 397.30 रुपये के भाव पर ट्रेड कर रहे हैं। इंटीग्रेटेड पावर यूटिलिटीज कंपनी के शेयरों में आज लगातार सातवें दिन तेजी आई है और इस अवधि के दौरान इसमें 24 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। अदानी पावर भारत में सबसे बड़ी प्राइवेट थर्मल पावर उत्पादक है। कंपनी के पास गुजरात में 40 मेगावाट के सोलर पावर प्लांच के अलावा, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और झारखंड में आठ पावर प्लांट्स में फैली 15,250 मेगावाट की थर्मल पावर क्षमता है।

सरकार का पावर सेक्टर पर जोर

भारत सरकार का फोकस 'सभी के लिए बिजली' हासिल करने पर है। इससे देश में पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क के विस्तार और मजबूती के साथ-साथ क्षमता वृद्धि में तेजी आई है। देश को अभी भी एक लंबा रास्ता तय करना है, क्योंकि FY22 में देश में प्रति व्यक्ति वार्षिक खपत 1,255 kWh थी, जो विश्व औसत और दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील जैसे अन्य विकासशील देशों की तुलना में काफी कम है। कंपनी ने कहा कि मेक-इन-इंडिया, पीएलआई (प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव) स्कीम, इंडस्ट्रिलाइजेशन में वृद्धि, आय और जीवन स्तर में सुधार के लिए सरकार के बड़े पैमाने पर जोर को देखते हुए भारत में पावर सेक्टर के तेजी से बढ़ने की उम्मीद है।

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