लगातार सात दिनों की भारी गिरावट के बाद,निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में आज 2% से ज्यादा की तेजी आई है। इससे इसकी दो दिनों की कुल बढ़त 3.5% तक पहुंच गई। इन सात कारोबारी सत्रों की गिरावट के दौरान इंडेक्स लगभग 10% टूटा था। इंडेक्स के टॉप गेनरों में ओला इलेक्ट्रिक, सोना कॉमस्टार और वनसोर्स स्पेशलिटी फार्मा शामिल हैं। इनमें 11.76%, 9.66% और 8.34% की तेजी आई है।
अन्य बढ़त दर्ज करने वालों में एथर एनर्जी,वेल्सपन कॉर्प और डेटा पैटर्न्स शामिल रहे,जिनमें 7.38%, 6% और 5.8% की तेजी देखी गई। एथर एनर्जी के मजबूत नतीजों के चलते इलेक्ट्रिक स्कूटर बनाने वाली कंपनियों के शेयरों ने रफ्तार पकड़ी है। रिज़्टा (Rizta) स्कूटर बनाने वाली इस कंपनी ने दूसरी तिमाही में 1.5 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया है, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में इसे 154 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।
30 सितंबर को खत्म हुई तिमाही में कंपनी की कामकाजी आय 62.9% बढ़कर 1,464 करोड़ रुपये रही थी। कंपनी ने बताया है कि इनपुट लागत अधिक होने के बावजूद,मुख्य रूप से प्रोडक्ट मिक्स और कीमत बढ़ोतरी के फैसलों की वजह से मार्जिन में बढ़त हुई है।
ईंधन की ऊंची कीमतों और E20 पेट्रोल (जिसमें 20% इथेनॉल होता है) को पूरे देश में लागू करने को लेकर बनी चिंताओं के कारण,इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) को सपोर्ट मिला रहा है,जिसमें एथर (Ather) के स्कूटर भी शामिल हैं।
27 अक्टूबर को सुबह 11:10 बजे निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 2.2% की बढ़त के साथ 18,387.05 पर कारोबार कर रहा था। जबकि निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स लगभग 1% ऊपर था। ये दोनों इंडेक्स ने बेंचमार्क सेंसेक्स और निफ्टी से बेहतर प्रदर्शन कर रहे थे। सेंसेक्स-निफ्टी लगभग सपाट कारोबार कर रहे हैं।
निफ्टी स्मॉलकैप 50 और निफ्टी स्मॉलकैप 250 इंडेक्स भी 2-2% की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं।
मोनार्क AIF के मुताबिक अगले 12-24 महीनों में अच्छी गुणवत्ता वाली स्मॉलकैप कंपनियों में बॉटम-अप निवेश के अवसर रहेंगे। इनको मजबूत कॉर्पोरेट बैलेंस शीट,घरेलू स्तर पर अच्छी मांग,बेहतर कैश फ्लो और लगातार हो रहे कैपिटल एक्सपेंडिचर का फायदा मिलेगा।
25 फरवरी से 7 अक्टूबर के बीच,निफ्टी 50 में 11% से अधिक की गिरावट आई है। जबकि निफ्टी स्मॉल कैप 250 और निफ्टी माइक्रो कैप 250 ने लगभग 11.7% और 22% का रिटर्न दिया है। मोनार्क AIF के फंड मैनेजर अभिसार जैन का कहना है कि इसका नतीजा यह रहा है कि हेडलाइन इंडेक्स की तुलना में स्मॉल कैप के प्रदर्शन में लगभग 23 प्रतिशत और माइक्रो कैप के प्रदर्शन में 33 प्रतिशत से अधिक का बड़ा अंतर देखने को मिला है,जो इन दोनों के पक्ष में है।
स्मॉलकैप 250 इंडेक्स के केवल 16% शेयर अपने 50-DMA के ऊपर ट्रेड कर रहे हैं, जिससे मार्केट की स्थिति पूरी तरह से 'ओवरसोल्ड'ज़ोन में आ गई है। केवल 40% शेयर ही अपने 200-DMA के ऊपर बने हुए हैं,जो यह दिखाता है कि कमज़ोरी अब केवल शॉर्ट-टर्म मोमेंटम तक सीमित नहीं रह गई है। मार्केट की इन दोनों स्थितियों में आई भारी गिरावट यह दिखाती है कि इंडेक्स के ऊंचे स्तर पर बने रहने के बावजूद, इसके भीतर काफी नुकसान हो चुका है।
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