AI डेटा सेंटर से बिजली की मांग बढ़ेगी, इन 3 शेयरों पर एक्सपर्ट की नजर

AI डेटा सेंटर तेजी से बढ़ रहे हैं और इससे भारत में बिजली की मांग बढ़ सकती है। एक्सपर्ट निखिल निगानिया के मुताबिक, सालाना पावर डिमांड ग्रोथ 5.5% से बढ़कर 6% हो सकती है। जानिए L&T, JSW Energy और NTPC पर उनकी राय और निवेश का पूरा एंगल।

अपडेटेड Aug 26, 2026 पर 3:52 PM
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I डेटा सेंटर की वजह से भारत में बिजली की सालाना मांग की ग्रोथ 5.5% से बढ़कर करीब 6% हो सकती है।

AI सिर्फ टेक्नोलॉजी कंपनियों के लिए मौका नहीं बना रहा है। इसका असर अब बिजली सेक्टर पर भी दिखने लगा है। AI के लिए डेटा सेंटर तेजी से बन रहे हैं। इन सेंटर को 24 घंटे भारी मात्रा में बिजली चाहिए। इसका सीधा फायदा पावर, ट्रांसमिशन और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों को मिल सकता है।

बर्नस्टीन के डायरेक्टर और सीनियर एनालिस्ट निखिल निगानिया के मुताबिक, AI डेटा सेंटर की वजह से भारत में बिजली की सालाना मांग की ग्रोथ 5.5% से बढ़कर करीब 6% हो सकती है। यानी AI अकेले बिजली की मांग में करीब 0.5% की अतिरिक्त बढ़ोतरी कर सकता है।

भारत में डेटा सेंटर का बड़ा मौका


निगानिया के मुताबिक, भारत में डेटा सेंटर लगाने के लिए तीन बड़े फायदे हैं। यहां सोलर पावर सस्ती है। थर्मल पावर की लागत भी प्रतिस्पर्धी है। इसके अलावा नई हाई वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइन बनाने में करीब तीन साल लगते हैं। अमेरिका में इसमें 8 से 10 साल लग सकते हैं।

एक और बड़ा बदलाव रिन्यूएबल पावर में दिख रहा है। हाल के एक टेंडर में रिन्यूएबल पावर की दर ₹5.25 प्रति यूनिट रही। यह नई थर्मल क्षमता की करीब ₹5.5 से ₹6 प्रति यूनिट लागत से कम है। खास बात यह है कि इसमें लगातार बिजली सप्लाई का प्रोफाइल देने की बात थी।

इन 3 शेयरों पर निगानिया की नजर

AI डेटा सेंटर के बढ़ने से सबसे ज्यादा फायदा सिर्फ बिजली बनाने वाली कंपनियों को नहीं होगा। ट्रांसमिशन और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर भी अहम होंगे।

Larsen & Toubro: निगानिया की पहली पसंद L&T है। देश में कैपिटल एक्सपेंडिचर बढ़ने से कंपनी को फायदा मिल सकता है। पावर और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े नए प्रोजेक्ट इसका कारोबार बढ़ा सकते हैं।

JSW Energy: निगानिया को यह शेयर गिरावट पर पसंद है। कंपनी थर्मल पावर क्षमता भी बढ़ा रही है। साथ ही रिन्यूएबल एनर्जी में उसकी मौजूदगी मजबूत है।

NTPC: इसे निगानिया वैल्यू स्टॉक मानते हैं। कंपनी थर्मल के साथ न्यूक्लियर और रिन्यूएबल एनर्जी में भी आगे बढ़ रही है। इसलिए पावर सेक्टर के बदलते ट्रेंड का फायदा इसे कई मोर्चों पर मिल सकता है।

PFC और REC पर दबाव

हर पावर स्टॉक के लिए तस्वीर एक जैसी नहीं है। निगानिया के मुताबिक PFC और REC की लोन बुक ग्रोथ पहले के मुकाबले धीमी हुई है। बैंक अब रिन्यूएबल प्रोजेक्ट्स को करीब 8% की दर पर कर्ज दे रहे हैं। इससे इन सरकारी पावर फाइनेंस कंपनियों के कारोबार पर दबाव बढ़ रहा है।

निगानिया दोनों शेयरों को Outperform मानते हैं। हालांकि, उनका कहना है कि लोन ग्रोथ लौटे बिना बड़ी री-रेटिंग मुश्किल है।

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