Airtel-Vi Relief: हाई कोर्ट के फैसले से कितना फायदा होगा, एयरटेल-वोडा आइडिया ने दिया जवाब

Airtel-Vi Relief: बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले के बाद एयरटेल और वोडाफोन आइडिया को 10,500 करोड़ रुपये से ज्यादा की राहत मिलने वाली है। जानिए कंपनियों को कितना फायदा होगा, विवाद कब शुरू हुआ था और यह फैसला टेलीकॉम सेक्टर के लिए क्यों अहम माना जा रहा है।

अपडेटेड Jun 09, 2026 पर 7:41 PM
वोडाफोन आइडिया का शेयर 1.32% गिरकर 14.21 रुपये पर बंद हुआ।

Airtel-Vi Relief: बॉम्बे हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार के वन-टाइम स्पेक्ट्रम चार्ज (OTSC) को रद्द कर दिया। इससे भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया को बड़ी राहत मिली है। दोनों कंपनियों ने बताया है कि इस फैसले से उन्हें कुल मिलाकर 10,500 करोड़ रुपये से ज्यादा का वित्तीय फायदा होगा।

यह फैसला ऐसे समय आया है जब टेलीकॉम कंपनियां पहले से ही भारी देनदारियों, नेटवर्क विस्तार पर बढ़ते खर्च और कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना कर रही हैं।

Airtel को कितनी राहत मिली?


भारती एयरटेल ने कहा कि कोर्ट ने दूरसंचार विभाग (DoT) की की डिमांड 2013 में 5,201.2 करोड़ रुपये की थी। बाद में 2018 में बढ़ाकर 8,414 करोड़ रुपये कर दी गई थी। इस रकम में एयरटेल की सहायक कंपनी भारती हेक्साकॉम से जुड़ी 473.7 करोड़ रुपये की मांग भी शामिल थी।

Vodafone Idea को कितनी राहत?

वोडाफोन आइडिया ने कहा कि अदालत ने 2,113 करोड़ रुपये के OTSC दावों को भी रद्द कर दिया है। ये दावे पुरानी आइडिया सेल्युलर और स्पाइस कम्युनिकेशंस से जुड़े थे, जिनका बाद में वोडाफोन आइडिया में विलय हो गया था।

अदालत ने सरकार को यह भी निर्देश दिया है कि इस विवादित शुल्क के बदले कंपनी की ओर से जमा कराई गई बैंक गारंटी वापस की जाए।

कब शुरू हुआ था यह विवाद?

यह कानूनी विवाद 2013 में शुरू हुआ था। उस समय टेलीकॉम कंपनियों ने सरकार के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें तय सीमा से ज्यादा स्पेक्ट्रम रखने वाली कंपनियों पर वन-टाइम स्पेक्ट्रम चार्ज लगाया गया था।

वोडाफोन आइडिया के मुताबिक, 2018 में विलय से जुड़े लेनदेन को मंजूरी देते समय DoT ने कुछ मांगों को बढ़ाकर 3,322 करोड़ रुपये कर दिया था। साथ ही इन दावों को सुरक्षित रखने के लिए बैंक गारंटी भी मांगी गई थी।

टेलीकॉम सेक्टर अहम फैसला

बॉम्बे हाई कोर्ट फैसला टेलीकॉम कंपनियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। डिमांड नोटिस रद्द होने और बैंक गारंटी वापस मिलने से एयरटेल और वोडाफोन आइडिया की बैलेंस शीट पर दबाव कम होगा।

इसके अलावा संभावित देनदारियों को लेकर बनी अनिश्चितता भी घटेगी। इससे कंपनियों को अपने कारोबार और नेटवर्क विस्तार पर ज्यादा ध्यान देने में मदद मिल सकती है।

शेयरों का क्या रहा हाल?

मंगलवार के कारोबारी सत्र में एयरटेल और वोडाफोन आइडिया के शेयरों में शुरुआती तेजी दिखी। हालांकि, बाद में मुनाफावसूली के चलते स्टॉक लाल निशा में बंद हुआ। एयरटेल का शेयर 0.84% फिसलकर 1,798 रुपये पर बंद हुआ। वहीं वोडाफोन आइडिया का शेयर 1.32% गिरकर 14.21 रुपये पर बंद हुआ।

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