जियो प्लेटफॉर्म्स 6जी सेवाओं के लिए नया इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की बजाय अपने सॉफ्टवेयर को अपग्रेड करेगी। कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी ने इस बारे में बताया। उन्होंने 15 अक्तूबर को अगली पीढ़ी के मोबाइल कम्युनिकेशंस के लिए मौजूदा नेटवर्क और टेक्नोलॉजी क्षमता के इस्तेमाल के कंपनी के प्लान के बारे में बताया।
जियो प्लेटफॉर्म्स अपनी प्रॉपरायटरी टेक्नोलॉजी स्टैक का पूरा फायदा उठाएगी
जियो प्लेटफॉर्म्स की इस स्ट्रेटेजी से अपनी प्रॉपरायटरी टेक्नोलॉजी स्टैक का पूरा फायदा उठाने पर कंपनी के फोकस का पता चलता है। कंपनी कनेक्टिविटी से आगे निकल डिजिटल सर्विसेज और दूसरे देशों में टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप करना चाहती है। अंबानी ने जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ से जुड़े प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बारे में बताया।
सॉफ्टवेयर में बदलाव के जरिए 6जी सेवाएं शुरू करने का प्लान
अंबानी ने कहा कि हमारी स्ट्रेटेजी सॉफ्टवेयर के लेवल पर बदलाव के जरिए 6जी सेवाएं शुरू करने की है। इससे फिर से पूरा फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। जियो ने पूरे देश में एक बड़ा नेटवर्क बनाया है। इसमें 3,60,000 से ज्यादा टेलीकॉम टावर हैं और 10 लाख रूट किलोमीटर से ज्यादा फाइबर नेटवर्क शामिल हैं।
अगले चरण की ग्रोथ के लिए मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्टर का इस्तेमाल
कंपनी अगले चरण की अपनी ग्रोथ के लिए अपने मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी कपैबिलिटी का इस्तेमाल करना चाहती है। इसके लिए कंपनी ने ग्रोथ के चार प्रमुख सेगमेंट की पहचान की है, जिसमें मोबिलिटी, होम ब्रॉडबैंड, एंटरप्राइज सर्विसेज और कोर टेक्नोलॉजी स्टैक का मॉनेटाइजेशन शामिल हैं।
कंपनी विदेश में ऑपरेटर्स को एंड-टू-एंड टेक्नोलॉजी स्टैक ऑफर करेगी
कंपनी ने अपनी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर करने का भी प्लान बनाया है। यह सिर्फ वेंडर या सॉफ्टवेयर सर्विस प्रोवाइडर की जगह एंड-टू-एंड टेक्नोलॉजी स्टैक ऑफर करेगी। इससे उसे दूसरे देशों में उपलब्ध मौकों का फायदा उठाने का रास्ता खुलेगा। कंपनी का फोकस आयातित सॉल्यूशंस पर निर्भर रहने की जगह अपनी टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल और उसके एक्सपोर्ट पर है।
कंपनी ने अब तक कंपनी ने 7,200 से ज्यादा पेटेंट्स फाइल किए हैं
जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपने टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल विकसित और विकासशील दोनों ही देशों में करने के प्लान के बारे में बताया। अंबानी ने कहा कि कंपनी विदेश में पार्टनर के चुनाव में सावधानी बरतेगी। कंपनी ने 7,200 से ज्यादा पेटेंट्स फाइल किए हैं, जिसे 12,000 से ज्यादा इंजीनियर्स ने तैयार किए हैं।