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एल्युमीनियम शेयरों की चमक बढ़ी, जानिए Vedanta, Dalmia India और आईसीआईसीआई बैंक में क्या चल रहा

मेटल शेयरों खासकर एल्युमीनियम और स्टील स्टॉक्स की चमक बढ़ी है। स्टील की घरेलू मांग को लेकर कोई फिक्र नहीं है लेकिन इसकी वैश्विक कीमतें चीन की इकोनॉमी के प्रदर्शन पर निर्भर करेगी। दोनों मेटल्स में एल्युमीनियम ज्यादा अट्रैक्टिव नजर आ रहा है

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 29, 2024 पर 3:55 PM
एल्युमीनियम शेयरों की चमक बढ़ी, जानिए Vedanta, Dalmia India और आईसीआईसीआई बैंक में क्या चल रहा
एचसीएल टेक्नोलॉजीज के रेवेन्यू में चौथी तिमाही में करीब 2 फीसदी गिरावट आई। बाजार बंद होने के बाद आए कंपनी के नतीजे बाजार के अनुमान के मुताबिक रहे।

मेटल कंपनियों के स्टॉक्स की चमक बढ़ी है। स्टील और एल्युमीनियम में एल्युमीनियम बेहतर दांव दिख रहा है। स्टील में घरेलू मांग को लेकर कोई प्रॉब्लम नहीं है, लेकिन ग्लोबल कीमतें चीन की इकोनॉमी के प्रदर्शन पर निर्भर करेंगी। 2024 की पहली तिमाही में एल्युमीनियम की डिमांड उम्मीद से अच्छी रही। इसमें चीन का बड़ा हाथ रहा। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि बेहतर डिमांड और सीमित सप्लाई की वजह से एल्युमीनियम की कीमतों को मजबूती मिली। अमेरिका और यूके के रूस पर प्रतिबंध लगाने का असर भी अप्रैल में एल्युमीनियम की कीमतों पर दिखा है।

Vedanta

वेदांता (Vedanta) के चौथी तिमाही के नतीजे अच्छे आए हैं। सेंट्रम के मुताबिक, FY24-FY26 के दौरान घरेलू जिंक और एल्युमीनियम बिजनेसेज की CAGR क्रमश: 18 फीसदी और 30 फीसदी रहने की उम्मीद है। इसमें कमोडिटी की ऊंची कीमतों और प्रोडक्शन की कम कॉस्ट का हाथ रहेगा। बेयर्स की दलील है कि जिंक, कॉपर और स्टील बिजनेसेज का प्रदर्शन पहली तिमाही में कमजोर रहा है। हाल में प्रमोटर्स के अपनी हिस्सेदारी की बिक्री में किसी बड़े इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स ने दिलचस्पी नहीं दिखाई।

Dalmia India

पिछले दो ट्रेडिंग सेशंस (25 और 26 अप्रैल) में डालमिया इंडिया के स्टॉक में 8 फीसदी गिरावट आई। इसकी वजह मार्च तिमाही के कमजोर नतीजे रहे। ट्रेडिंग वॉल्यूम सामान्य के मुकाबले ज्यादा रहा। बुल्स का कहना है कि सरकार के इंफ्रास्ट्रक्चर पर ज्यादा खर्च जारी रखने और कंस्ट्रक्शन में स्ट्रेंथ की वजह से सीमेंट की डिमांड अच्छी रहने की उम्मीद है। रॉ मैटेरियल्स की कीमतों में नरमी आ रही है। बेयर्स की दलील है कि सीमेंट की कीमतों पर कुछ समय से दबाव दिख रहा है। इस ट्रेंड के जारी रहने की उम्मीद है क्योंकि कंपनियां अपनी कैपेसिटी बढ़ रही हैं। तिमाही नतीजे उम्मीद से कमजोर रहने के बाद मॉर्गन स्टेनली और सिस्टमैटिक्स ने टारगेट प्राइस और कमाई के अनुमान घटाए हैं।

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